पीसीओएस की जांच में सिर्फ अल्ट्रासाउंड में सिस्ट दिखना पर्याप्त नहीं, हार्मोनल लक्षणों पर भी ध्यान जरूरी
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। किशोरियों के चेहरे या शरीर पर जरूरत से अधिक बाल आना, गंभीर मुंहासे, सिर के बाल कम होना और मासिक धर्म में लगातार गड़बड़ी पॉलीसिस्टिक ओवेरियन सिंड्रोम (पीसीओएस) के संकेत हो सकते हैं। एम्स की बाल हार्मोन विशेषज्ञ डॉ. रजनी शर्मा और प्रो. डॉ. रीमा दादा ने मंगलवार को किशोरियों में पीसीओएस के लक्षण, जांच और प्रबंधन की जानकारी दी।
डॉ. रजनी शर्मा ने बताया कि पीसीओएस हार्मोन और चयापचय से जुड़ी स्थिति है। इसमें अनियमित मासिक धर्म के साथ पुरुष हार्मोन बढ़ने के लक्षण दिखाई दे सकते हैं। इससे आगे चलकर वजन बढ़ने, इंसुलिन प्रतिरोध और मधुमेह का जोखिम भी बढ़ सकता है। उन्होंने कहा कि मासिक धर्म शुरू होने के पहले साल अनियमितता सामान्य हो सकती है। लेकिन तीन महीने से अधिक समय तक पीरियड्स न आएं, चक्र लगातार 45 दिन से अधिक का हो या शुरुआत के तीन साल बाद भी चक्र 35 दिन से ज्यादा रहे तो चिकित्सकीय जांच जरूरी है।
प्रो. डॉ. रीमा दादा ने स्पष्ट किया कि केवल एक लक्षण या अल्ट्रासाउंड में अंडाशय में सिस्ट दिखने के आधार पर पीसीओएस का निदान नहीं किया जाना चाहिए। किशोरियों में ऐसी स्थिति सामान्य रूप से भी दिख सकती है। विशेषज्ञों ने संतुलित भोजन, नियमित शारीरिक गतिविधि, पर्याप्त नींद, कम स्क्रीन समय और योग को पीसीओएस प्रबंधन में महत्वपूर्ण बताया।