प्रेम विवाह करने वाले युवक की याचिका पर सुनवाई के बाद दिल्ली हाईकोर्ट ने राहत देते हुए दंपति को एक साथ रहने की अनुमति दी है। याची का आरोप था शादी के बाद से उसकी पत्नी के परिजन उसे धमकियां दे रहे हैं। याचिकाकर्ता युवक ने दूसरे समुदाय की युवती से प्रेम विवाह किया था।
जस्टिस संजीव खन्ना व आशुतोष कुमार की खंडपीठ ने याचिका पर सुनवाई के बाद युवती के परिजनों को हिदायत देते हुए कहा कि वह बालिग है और अपने पति के साथ रहना चाहती है, इसलिए उसकी जिंदगी में दखल न दी जाए।
याचिका पर सुनवाई के बाद खंडपीठ ने कहा कि हमने युवती से बात की है और वह अपने पति आकाश के साथ जाना चाहती है। कोर्ट के समक्ष पेश होकर युवती ने कहा उसके घरवाले उसे जबरन मेरठ ले गए थे और वहां उसकी शादी किसी अन्य शख्स से कराना चाहते थे जबकि वह अपने पति के साथ रहना चाहती है।