-डीएमआरसी अगले 18 महीनों में 33 किलोवोल्ट कॉपर वायरिंग को बदलकर एल्युमिनियम वायर लगाने पर 32.59 करोड़ रुपये खर्च करेगा
-यह काम उन हिस्सों में किया जाएगा जहां चोरी की घटनाएं ज्यादा हुई
-इनमें यमुना बैंक लाइन, एयरपोर्ट एक्सप्रेस लाइन और पिंक लाइन पर सीलमपुर व वेलकम स्टेशनों के आसपास के इलाके शामिल
संवाद न्यूज एजेंसी
नई दिल्ली।
बार-बार हो रही केबल चोरी से परेशान दिल्ली मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन (डीएमआरसी) ने बड़ा कदम उठाने का फैसला किया है। मेट्रो प्रबंधन अब अपने 175 किलोमीटर लंबे नेटवर्क में कॉपर (तांबे) की केबल की जगह एल्युमिनियम केबल लगाने की योजना बना रहा है, ताकि चोरी की घटनाओं पर रोक लगाई जा सके। डीएमआरसी अगले 18 महीनों में 33 किलोवोल्ट कॉपर वायरिंग को बदलकर एल्युमिनियम वायर लगाने पर 32.59 करोड़ रुपये खर्च करेगा। यह काम उन हिस्सों में किया जाएगा, जहां चोरी की घटनाएं ज्यादा हुई हैं। इनमें यमुना बैंक लाइन, एयरपोर्ट एक्सप्रेस लाइन और पिंक लाइन पर सीलमपुर व वेलकम स्टेशनों के आसपास के इलाके शामिल हैं।
अधिकारियों के अनुसार, मौजूदा 33 किलोवोल्ट कॉपर केबल हटाकर 1CX400 वर्ग मिलीमीटर एल्युमिनियम केबल लगेगी। इन्हें मेट्रो वायडक्ट के किनारे खास तरीके (ट्रेफॉइल शेप) में बिछाया जाएगा। डीएमआरसी के एक अधिकारी के अनुसार, कॉपर केबल चोरी होने से बिजली सप्लाई और सिग्नलिंग सिस्टम प्रभावित होता है। इससे ट्रेनों की रफ्तार कम करनी पड़ती है और देरी होती है। पिछले साल केबल चोरी के 89 मामले सामने आए थे। इनमें 32 मामले सिग्नलिंग केबल और 22 मामले इलेक्ट्रिकल वायरिंग से जुड़े थे। मार्च में सीलमपुर और वेलकम स्टेशनों के बीच बड़ी चोरी के बाद रेड लाइन पर ट्रेनों की स्पीड 25 किमी प्रति घंटा तक घटानी पड़ी थी, जिससे यात्रियों को पूरे दिन परेशानी हुई।
अधिकारियों के अनुसार, इस साल 11 जनवरी को भी धौला कुआं और शिवाजी स्टेडियम के बीच एयरपोर्ट एक्सप्रेस लाइन पर करीब 800 मीटर सिग्नलिंग केबल काट ली गई थी, जिससे ट्रेनों को धीमी गति से चलाना पड़ा। अधिकारियों का कहना है कि एल्युमिनियम केबल चोरी के लिए कम आकर्षक होती है। इसलिए उम्मीद है कि इस बदलाव से चोरी की घटनाएं कम होंगी और मेट्रो सेवा ज्यादा भरोसेमंद और समय पर चल सकेगी। उनका कहना है कि यात्रियों को सुरक्षित और सुचारु सेवा देने के लिए यह कदम जरूरी है।