फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

नागरिकता संशोधन कानून : दिल्ली मेट्रो के सभी स्टेशन खोले गए, सुरक्षा के चलते किए गए थे बंद

Mon, 16 Dec 2019 06:17 PM IST
Abhishek Singh न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
विज्ञापन
Delhi Metro
विज्ञापन

दिल्ली में नागरिकता संशोधन कानून के खिलाफ प्रदर्शन को देखते हुए सोमवार को दिल्ली मेट्रो रेल निगम (डीएमआरसी) ने सचिवालय, पटेल चौक, उद्योग भवन, कल्याण मार्ग और जनपथ मेट्रो स्टेशन को बंद कर दिया था, जिसे फिर से चालू कर दिया गया है। डीएमआरसी ने कहा, "सभी स्टेशनों पर प्रवेश और निकास द्वार खोले गए हैं। सभी स्टेशनों में सामान्य सेवाएं फिर से शुरू हो गई हैं।"

विज्ञापन

 


बता दें कि दिल्ली में नागरिकता संशोधन कानून के खिलाफ प्रदर्शन को देखते हुए दिल्ली मेट्रो रेल निगम ने केंद्रीय सचिवालय, पटेल चौक और उद्योग भवन मेट्रो स्टेशन को बंद कर दिया था। साथ ही दिल्ली रेल निगम ने लोक कल्याण मार्ग और जनपथ मेट्रो को भी बंद किया था। डीएमआरसी ने इससे पहले जामिया मिल्लिया इस्लामिया मेट्रो स्टेशन पर प्रवेश और निकास को बंद कर दिया था। इस स्टेशन पर भी कोई मेट्रो नहीं रुक रही थी।
 

रविवार को 15 से ज्यादा मेट्रो स्टेशन रहे बंद
जामिया नगर इलाके में रविवार को हुए हिंसक प्रदर्शन के कारण 15 से ज्यादा मेट्रो स्टेशनों को बवाल की आशंका को देखते हुए बंद करना पड़ा। देर रात तक इन स्टेशनों पर कोई ट्रेन नहीं रोकी गई, जिससे यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ा। डीएमआरसी ने दिल्ली पुलिस की सलाह के आधार पर जामिया इलाके में उपद्रव बढ़ने के कारण पहले शाम करीब 5:45 मिनट पर सुखदेव विहार मेट्रो स्टेशन के प्रवेश और निकास द्वारों व आश्रम मेट्रो स्टेशन के गेट नंबर-3 को बंद किया गया।
विज्ञापन


आगजनी की घटनाओं के चलते तत्काल प्रभाव से करीब सवा छह बजे मजेंटा लाइन के सुखदेव विहार, जामिया मिलिया इस्लिामिया, ओखला विहार और जसोला विहार शाहीन बाग मेट्रो स्टेशन को तुरंत बंद कर दिया गया। इसके बाद वसंत विहार, मुनिरका, आरके पुरम और पटेल चौक मेट्रो स्टेशन भी यात्रियों के लिए बंद कर दिए गए। 

विज्ञापन

प्रियंका गांधी धरने पर बैठीं

बता दें कि नागरिकता कानून को लेकर रविवार को जोरदार प्रदर्शन हुआ। यह प्रदर्शन सोमवार को भी जारी है। इधर, कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा छात्रों से मारपीट के विरोध में इंडिया गेट के सामने सड़क पर ही धरने पर बैठ गई। प्रियंका के साथ कांग्रेस के वरिष्ठ नेता गुलाम नबी आजाद, केसी वेणुगोपाल, एके एंटनी, पीएल पुनिया, अहमद पटेल और अन्य नेता धरने पर बैठे। 

इससे पहले प्रियंका गांधी ने सरकार को निशाने पर लेते हुए कहा था कि सरकार ने संविधान और छात्रों पर हमला किया है। उन्होंने (पुलिस) ने विश्वविद्यालय में प्रवेश कर छात्रों पर हमला किया। हम संविधान के लिए लड़ेंगे, हम इस सरकार के खिलाफ लड़ेंगे। 
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें