आर्थिक नुकसान झेल रही देश की पहली प्राइवेट रेल (रैपिड मेट्रो) की कमान दिल्ली मेट्रो रेल कॉरपोरेशन (डीएमआरसी) अपने हाथ में ले सकती है। डीएमआरसी सूत्रों के मुताबिक डीएमआरसी ने इसके लिए रूट प्लान तैयार कर लिया है, इसकी डीपीआर को जल्द हरी झंडी मिल सकती है। संभावना जताई जा रही है फरवरी में डीएमआरसी रैपिड मेट्रो का संचालन शुरू कर सकती है। इस संबंध में रैपिड मेट्रो प्रबंधन की ओर से कोई टिप्पणी नहीं की जा रही।
नवंबर 2013 में देश की पहली प्राइवेट मेट्रो का संचालन गुरुग्राम में शुरू हुआ था। इसका संचालन आईएल एंड एफएस की ओर से किया जा रहा था। जानकारी के मुताबिक रैपिड मेट्रो के संचालन के पहले दिन से ही यात्रियों की कमी की मार झेल रहा प्रबंधन नुकसान में चल रहा था।
कंपनी की ओर से पहले चरण में एक लाख राइडरशिप का लक्ष्य के बावजूद इसमें महज 30 हजार यात्री आए। दूसरे चरण में 20 हजार यात्रियों की संख्या में इजाफा हुआ। कंपनी प्रबंधन सूत्रों के मुताबिक हरियाणा सरकार की ओर से 1484 करोड़ के दी जाने वाली मदद से इंकार करने के बाद कंपनी प्रबंधन ने रैपिड मेट्रो संचालन से हाथ खींच लिए। सूत्रों की मानें तो केंद्रीय मंत्रालय की ओर से रैपिड मेट्रो के संचालन को लेकर डीएमआरसी को मंजूरी देने के बाद बैठकों का दौर जारी है। बैठकों में रैपिड मेट्रो के पास क्या बचेगा और प्रदेश सरकार अपने हिस्से में क्या लेगी।
रैपिड मेट्रो का तीसरा फेज अटका
रैपिड मेट्रो के प्रस्तावित तीसरे फेज में दिल्ली-गुरुग्राम एक्सप्रेसवे से होते हुए उद्योग विहार से आगे द्वारका सेक्टर-21 से प्रस्तावित दिल्ली मेट्रो के रूट में मिलना था। अब तक इस फेज पर कोई काम शुरू नहीं हुआ है। कंपनी प्रबंधन की ओर से हाथ खींचे जाने के बाद डीएमआरसी ने हुडा सिटी सेंटर से प्रस्तावित रूट विस्तारीकरण की रिपोर्ट तैयार कर ली है। जल्द ही इसकी डीपीआर तैयार की जाएगी। इसी माह रैपिड मेट्रो को टेकओवर करने की उम्मीद है।