दिल्ली सरकार के परिवहन विभाग ने दिल्ली मेट्रो रेल कॉरपोरेशन (डीएमआरसी) को 200 करोड़ रुपये दिए है। यह पैसा वर्तमान वित्तीय वर्ष 2014-15 के पहली किश्त के रूप में पूंजी अंश (इक्विटी) के योगदान के रूप में मेट्रो फेज तीन के लिए जारी किया गया है। इसके अलावा 100 करोड़ रुपये वैट के लिए भी मंजूर किया गया है।
दिल्ली सरकार मेट्रो नेटवर्क को राजधानी के प्रत्येक हिस्से में पहुंचाने के लिए प्रयासरत है। इसके लिए डीएमआरसी मेट्रो के निर्माण हेतु विभिन्न चरणों में पर्याप्त पैसा सरकार की ओर से जारी किया जाता रहा है।
प्रथम चरण में 1716 करोड़ रुपये, दूसरे चरण में 3695.20 करोड़ रुपये और तीसरे चरण में 2011 से अब तक जारी 3561.60 करोड़ रुपये प्रदान किया गया है।
सरकार द्वारा राजधानी में मेट्रो नेटवर्क के निर्माण की आवश्यकता के मद्देनजर वर्ष 2014-15 के बजट में विभिन्न मदों में कुल 1301.51 करोड़ रुपये प्रस्तावित है। हालांकि यह पैसा बीते वित्तीय वर्ष 2013-14 से 189 करोड़ रुपये कम है जो कि परिवहन विभाग ने वार्षिक योजना के तहत दिया था।
मौजूदा वित्तीय वर्ष के लिए इक्विटी राशि 827.00 करोड़ रुपया है जिसमें से 200 करोड़ रुपये एलजी की मंजूरी के बाद जारी कर दिया गया है। इसके अलावा भूमि अधिग्रहण के लिए 26.51 करोड़ रुपये। केन्द्रीय करों की प्रतिपूर्ति के लिए 348.00 करोड़ रुपये। वैट के लिए 100 करोड़ रुपये है।