फीस वृद्धि के खिलाफ पिछले पांच माह से आंदोलनरत अभिभावकों को बड़ा झटका लगा है। इंडिपेंडेंट स्कूल फेडरेशन ऑफ इंडिया (आईएसएफआई) की ओर से 11 अक्तूबर 2011 के शासनादेश पर डीएम के आदेशों के खिलाफ डाली गई रिट पर हाईकोर्ट की लखनऊ बेंच ने स्टे लगा दिया है।
लखनऊ बेंच के न्यायाधीश सुधीर कुमार सक्सेना ने फीस तय करने के लिए तत्कालीन डीएम के अपनी शक्तियों का दुरुपयोग करने की बात भी कही है। शासनादेश केसाथ डीएम के 15 और 25 अप्रैल 2014 के आदेश पर रोक लगा दी है।
हाईकोर्ट में है फीस वृद्धि का मामला
डीपीएसजी पैरेंट्स एसोसिएशन के पदाधिकारी सौरभ सिंघल ने बताया कि फीस वृद्धि का मामला अभी इलाहाबाद हाईकोर्ट में चल रहा है। डीएम का आदेश डीपीएसजी, बाल भारती समेत कुछ अन्य स्कूलों पर था।
फेडरेशन की याचिका पर हाईकोर्ट लखनऊ बेंच ने किस आधार पर आदेश दिया है, उसकी हमें जानकारी नहीं है। हम कोर्ट के आदेशों का सम्मान करते हैं और अपना पक्ष लखनऊ बेंच के सामने भी रखेंगे। आगे कोर्ट का जो भी फैसला आएगा, उसका पालन किया जाएगा।
फीस वृद्धि को लेकर डीएम ने सभी आदेश जारी किए थे, इसलिए फेडरेशन की ओर से राज्य सरकार को पार्टी बनाते हुए डाली गई याचिका पर लखनऊ बेंच ने स्टे दे दिया है। फीस केलिए सभी फैसले शासन के स्तर से लिए जाने के चलते लखनऊ बेंच में रिट डाली गई होगी। - हरप्रीत सिंह जग्गी, अधिवक्ता