दीपावली के नजदीक आते ही तस्करों ने क्षेत्र में उल्लू पकड़ने के लिए डेरा डाल दिया है। दिल्ली, नोएडा और गुड़गांव से उल्लू की तस्करी के लिए लोग जट्टारी के अलावा अलीगढ़ के गांव के जंगलों की खाक छान रहे हैं।
उल्लू पकड़वाने के लिए गांव के लोगों को लालच दिया जा रहा है। धनतेरस नरक चतुर्दशी और दीपावली के दिन उल्लू के दर्शन कर बलि देना शुभ माना जाता है। अंधविश्वास से उल्लू का अस्तित्व खतरे में है।
दीपावली आते ही उल्लू की मांग बढ़ने लगी है। कुछ लोगों का मानना है कि धन की देवी का वाहन होने के नाते इसके दर्शन से शुभ लाभ की प्राप्ति होती है। उल्लू दर्शन होने से धन प्राप्त होता है।
वहीं, कुछ लोग जादू-टोना में दीपावली के दिन इसकी बलि देना शुभ मानते हैं। तांत्रिक उल्लू को मारकर उसके अंगों से ताबीज बनाकर बाजार में अच्छे दामों पर बेचते हैं। देहात क्षेत्र के लोग इनके खरीदार हैं।