दीयों से गिफ्ट पैक तक छोटे कारोबारियों की चांदी
दिवाली पर मिट्टी के दीये, मोमबत्तियां, पूजा सामग्री, फूल-मालाएं, बंदनवार, झालर और गिफ्ट पैक की खूब मांग रही। फुटपाथ पर दुकान लगाने वाले छोटे कारोबारियों को भी ग्राहकों की भीड़ का फायदा मिला। स्थानीय कारीगरों, महिला स्वयं सहायता समूहों और घरों में सजावटी सामान तैयार करने वालों को अपने उत्पाद बेचने के अच्छे अवसर मिले। स्वदेशी उत्पादों की बढ़ती पसंद ने छोटे निर्माताओं को भी सहारा दिया। कन्फेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया ट्रेडर्स के राष्ट्रीय महामंत्री प्रवीण खंडेलवाल के मुताबिक, बिक्री बढ़ने से दुकानदारों को अतिरिक्त कर्मचारियों की जरूरत पड़ी। पैकिंग, बिलिंग और स्टॉक संभालने के लिए कामगार लगाए गए।
थोक बाजारों से दुकानों तक माल पहुंचाने वाले मजदूरों, परिवहन कारोबारियों और लोडिंग-अनलोडिंग कर्मचारियों का काम भी बढ़ा। ऑनलाइन खरीदारी और क्विक कॉमर्स की मांग ने डिलीवरी करने वालों को भी व्यस्त रखा। दिवाली की खरीदारी से छोटे व्यापारियों, रेहड़ी-पटरी वालों, कारीगरों और दिहाड़ी मजदूरों को प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से फायदा पहुंचा है। मिट्टी के दीये, सजावटी सामान, पूजा सामग्री, कपड़े, मिठाई, गिफ्ट, हस्तशिल्प, पैकेजिंग, परिवहन और डिलीवरी आदि क्षेत्रों को फायदा मिला।