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दिवाली ने दिल्ली में बिखेरीं खुशियां: त्योहार पर कारोबार एक लाख करोड़ के पार, व्यापार संग रोजगार को भी रफ्तार

Sun, 08 Nov 2026 01:47 PM IST
Akash Dubey सनी सिंह, नई दिल्ली

सार

दिवाली की खरीदारी से छोटे कारोबारियों और कामगारों को लाभ हुआ। कन्फेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया ट्रेडर्स के अनुसार, दिल्ली में कारोबार 1 लाख करोड़ रुपये के पार पहुंचा। मिट्टी के दीए, सजावटी सामान और ऑनलाइन डिलीवरी की मांग बढ़ने से कारीगरों व मजदूरों को फायदा मिला।
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खरीदारी करते लोग - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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दिवाली की रोशनी ने इस बार बाजारों में सिर्फ खुशियां ही नहीं बिखेरीं, बल्कि छोटे कारोबारियों और कामगारों के घरों में भी कमाई का उजाला किया। त्योहार पर खरीदारी के लिए उमड़ी भीड़ ने बड़े शोरूम से लेकर फुटपाथ पर सजी छोटी दुकानों तक रौनक बढ़ा दी। 

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किसी ने मिट्टी के दीये और सजावटी सामान बेचकर कमाई की, तो किसी को दुकानों में पैकिंग, माल ढुलाई और ग्राहकों तक सामान पहुंचाने का काम मिला। इस तरह दिवाली की खरीदारी ने कारोबार के साथ रोजगार को भी रफ्तार दी। कन्फेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया ट्रेडर्स (कैट) के अनुसार, दिल्ली में दिवाली का कारोबार एक लाख करोड़ रुपये के पार पहुंच गया है।
 

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दीयों से गिफ्ट पैक तक छोटे कारोबारियों की चांदी
दिवाली पर मिट्टी के दीये, मोमबत्तियां, पूजा सामग्री, फूल-मालाएं, बंदनवार, झालर और गिफ्ट पैक की खूब मांग रही। फुटपाथ पर दुकान लगाने वाले छोटे कारोबारियों को भी ग्राहकों की भीड़ का फायदा मिला। स्थानीय कारीगरों, महिला स्वयं सहायता समूहों और घरों में सजावटी सामान तैयार करने वालों को अपने उत्पाद बेचने के अच्छे अवसर मिले। स्वदेशी उत्पादों की बढ़ती पसंद ने छोटे निर्माताओं को भी सहारा दिया।  कन्फेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया ट्रेडर्स के राष्ट्रीय महामंत्री प्रवीण खंडेलवाल के मुताबिक, बिक्री बढ़ने से दुकानदारों को अतिरिक्त कर्मचारियों की जरूरत पड़ी। पैकिंग, बिलिंग और स्टॉक संभालने के लिए कामगार लगाए गए।
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थोक बाजारों से दुकानों तक माल पहुंचाने वाले मजदूरों, परिवहन कारोबारियों और लोडिंग-अनलोडिंग कर्मचारियों का काम भी बढ़ा। ऑनलाइन खरीदारी और क्विक कॉमर्स की मांग ने डिलीवरी करने वालों को भी व्यस्त रखा। दिवाली की खरीदारी से छोटे व्यापारियों, रेहड़ी-पटरी वालों, कारीगरों और दिहाड़ी मजदूरों को प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से फायदा पहुंचा है। मिट्टी के दीये, सजावटी सामान, पूजा सामग्री, कपड़े, मिठाई, गिफ्ट, हस्तशिल्प, पैकेजिंग, परिवहन और डिलीवरी आदि क्षेत्रों को फायदा मिला।
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