अरविंद केजरीवाल और मनीष सिसोदिया
- फोटो : अमर उजाला
उत्तर-पूर्वी दिल्ली के हिंसा प्रभावित इलाके से जिला प्रशासन को तत्काल राहत के लिए शनिवार दिन भर 69 फॉर्म मिले हैं। रविवार तक इन सभी पीड़ितों को तत्काल नकदी सहायता सरकार मुहैया करा देगी। वहीं, जिला प्रशासन ने हिंसा में हुए जन-धन के नुकसान का तकरीबन आकलन कर लिया है। रविवार को सरकार इसका आंकड़ा भी जारी कर देगी।
दंगा पीड़ितों के राहत कार्य में लगे अधिकारियों के साथ मुख्यमंत्री ने शनिवार दोपहर बाद उत्तर-पूर्वी जिलाधिकारी कार्यालय में बैठक की। इस दौरान इलाके के हालात पर चर्चा करने के साथ राहत कार्यों की प्रगति पर भी बात हुई। बाद में मुख्यमंत्री ने बताया कि जिन लोगों के घर जले हैं या जिनके यहां हिंसा में किसी की मौत हो गई है, उनको तत्काल 25-25 हजार रुपये की मदद देने का काम शनिवार को शुरू हुआ। पहले दिन 69 आवेदन मिले हैं। रविवार तक इन लोगों को पैसा मिल जाएगा। इसके बाद एसडीएम से कहा गया है कि वह पीड़ितों के घर पर भी फॉर्म पहुंचाए। इससे लोगों को फॉर्म के लिए दिक्कत नहीं होगी।
अरविंद केजरीवाल ने बताया कि जिले के चार सब डिवीजन हिंसा से प्रभावित हैं। यहां पर दिल्ली सरकार ने 18 एसडीएम की तैनाती की है। इन सबने अपने इलाके का दो-तीन राउंड का दौरा किया है। हिंसा से मकान, दुकान, वाहन, पशुधन आदि के हुए नुकसान का आकलन तकरीबन कर लिया गया है।
भाईचारा बढ़ाने पर सरकार का बड़ा जोर
मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने कहा कि हिंसा रुक गई है। लेकिन जो लोग घर छोड़कर चले गए हैं, वो वापस अपने घर लौटें और आपस में सभी के बीच भाईचारे का रिश्ता कायम हो, यही हम लोगों का सबसे बड़ा मकसद है। सरकार इसके लिए हरसंभव मदद कर रही है।
दिल्ली सरकार के इंतजाम पर्याप्त
अरविंद केजरीवाल ने बताया कि पीड़ितों के लिए खाने का पर्याप्त इंतजाम है। वहीं, रहने की भी कोई दिक्कत नहीं है। सरकार ने नाइट शेल्टर व कम्यूनिटी सेंटर में इसकी व्यवस्था की है। फिर भी, जरूरत पड़ने तक सरकार अतिरिक्त इंतजाम करने को तैयार है। इसके अलावा स्ट्रीट लाइट ठीक कराने का काम भी चल रहा है।