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Delhi NCR News: नर्सरी दाखिले में दूरी बनी उलझन, स्कूलों ने बनाए अपने-अपने मापदंड

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-कई स्कूल गूगल मैप से माप रहे दूरी, पड़ोस के लिए 70-80 अंक तक स्कूलों ने दिए
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-कई अभिभावकों का गूगल मैप से दूरी मापने पर स्कूल से घर हो रहा दूर

अमर उजाला ब्यूरो

नई दिल्ली।
दिल्ली के निजी स्कूलों में नर्सरी में दाखिले के लिए आवेदन प्रक्रिया अपने अंतिम पड़ाव पर है। दाखिले के लिए सबसे अहम मानक दूरी है। लेकिन कुछ अभिभावकों के लिए यह परेशानी का सबब भी है। दरअसल स्कूलों का घर से स्कूल की दूरी मापने का तरीका अलग-अलग है। कुछ स्कूल दूरी को गूगल मैप से तो कुछ सड़क के रास्ते तो कुछ कॉलोनी के आधार पर माप रहे हैं। इस कारण से कुछ स्कूल बच्चे के घर के पास होने पर भी दूर हो रहे हैं। इससे दूरी को मिल रहे अधिकतम अंकों से वह वंचित हो रहे हैं।

निजी स्कूलों ने अपने दाखिला मानकों में पड़ोस(नेबरहुड-दूरी) के लिए 20 से लेकर 70 अंक तक तय किए हैं। कई स्कूल ऐसे हैं जिन्होंने अपने पड़ोस के मानक के लिए कॉलोनियों के नाम रखे हैं। इसको ऐसे समझा जा सकता है कि जो कॉलोनी स्कूल ने तय कर दी उसी के हिसाब से बच्चे को अंक मिलेंगे। अभिभावकों ने बताया कि कुछ स्कूल के पास उनका घर होने के बाद भी स्कूल ने उनकी कॉलोनी को अपने दूरी मानक में शामिल नहीं किया है। इससे उन्हें दूरी मानक के अंक नहीं मिल रहे हैं। वहीं कुछ कॉलोनी ऐसी हैं जहां से स्कूल से घर की दूरी कम हैं लेकिन उस एरिया पर बस रूट नहीं है।
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अलग-अलग स्कूलों का अलग-अलग मापदंड हैं। हालांकि कुछ स्कूलों के गूगल मैप से पड़ोस को मापने से अभिभावकों को कुछ राहत जरूरी है। द्वारका स्थित बीजीएस इंटरनेशनल स्कूल ने दूरी को परिवहन के आधार पर तय है। यदि रेडियल डिस्टेंस के दायरे में 0-5 किलोमीटर परिवहन है तो 70 अंक और पांच किलोमीटर से अधिक दूरी के लिए 50 अंक तय किए हैं। वहीं वसंत कुंज स्थित वसंत वैली स्कूल ने रेडियल डिस्टेंस को आधार बनाया है। 0-10 किलोमीटर के लिए 30 अंक, 10-15 किलोमीटर के लिए 20 और 15-20 किलोमीटर के लिए 10 अंक तय किए हैं। वसंत कुंज स्थित जेडी गोयनका स्कूल दूरी को गूगल मैप से माप रहा है। 20 किलोमीटर तक की दूरी के लिए 40 अंक तय किए हैं। अभिभावकों का कहना है कि गूगल मैप से दूरी मापना तो कुछ हद तक ठीक है, लेकिन कॉलोनी शामिल करने से परेशानी है। गूगल मैप से दूरी से घर से स्कूल की सही दूरी का पता चलता है। ज्यादा परेशानी कॉलोनी तय करने से हैं।
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