वह फैसले का अध्ययन करने के बाद पहले से विचाराधीन याचिका पर अपना पक्ष रखेंगे। कोर्ट ने मूल याचिका पर सुनवाई के लिए पहले से 20 मार्च की तारीख तय कर रखी है। विधायकों ने याचिका दायर कर कहा था कि चुनाव आयोग को उनके खिलाफ दर्ज शिकायत सुनने का अधिकार नहीं है।
आप के 20 विधायकों द्वारा सदस्यता रद्द करने के फैसले को चुनौती देने या इस पर रोक लगाने के लिए याचिकाएं दायर करने के कयास दिनभर लगते रहे। पार्टी विधायक सोमवार को ही याचिका दायर करना चाहते थे लेकिन बाद में कहा गया कि अब मंगलवार को अर्जी दी जाएगी।
चुनाव आयोग का शुक्रवार को फैसला आने के बाद मदन लाल, राजेश गुप्ता, नितिन त्यागी, जरनैल सिंह समेत छह विधायकों ने याचिका दायर कर फैसले को स्थगित करने और उन्हें सुने जाने की मांग की थी।