नेत्रदाता की आंखों को एकत्रित करने को लेकर दिल्ली एम्स और बीके अस्पताल में चल रहा विवाद समाप्त हो गया। दोनों अस्पताल के बीच नेत्र एकत्रित करने को लेकर अनुबंध हो गया है।
इसके बाद अब जिले में मरने वाले व्यक्ति (जो नेत्रदान करने की शपथ ले चुका हो) की आंखें लेने के लिए बीके अस्पताल से टीम जाएगी।
अभी तक नेत्रदाताओं के नेत्र लेने के लिए दिल्ली एम्स से डॉक्टरों की टीम को बुलाया जाता रहा है। कुछ समय पहले स्वास्थ्य विभाग और बीके अस्पताल ने इस प्रक्रिया पर आपत्ति जताई थी। अस्पताल और विभाग का कहना था कि मृतक उनके क्षेत्राधिकार का निवासी है।
टीम आंखें एकत्रित करने के लिए बीके अस्पताल परिसर, ऑपरेशन उपकरणों का इस्तेमाल करती है। यहीं नहीं कई बार टीम के साथ अस्पताल के कुछ डॉक्टर भी उपस्थित रहते हैं।
विभाग और अस्पताल ने तर्क दिया था कि मृतक के शरीर से आंखें एकत्रित करने का काम अस्पताल के डॉक्टर सरलता से कर सकते हैं। जिसके बाद से दोनों अस्पताल के बीच विवाद शुरू हो गया था।
डिप्टी सिविल सर्जन डॉ. बीना शर्मा ने बताया कि अब अस्पताल से एक टीम मृतक नेत्रदाता के घर जाएगी। शव को अस्पताल लाया जाएगा, जहां आंखों को संरक्षित कर अस्पताल से एम्स भेजा जाएगा।