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लाईलाज बीमारियों में रामबाण है शिव नगरी का गर्मजल

Tue, 24 Nov 2015 05:24 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, गुड़गांव
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भगवान शिव की नगरी सोहना कस्बे में स्थापित प्राकृतिक गंधकयुक्त गर्म जल सरोवर अनेक विशेषताओं को समेटे हुए हैं। जिसमें स्नान कर लोग स्वयं को पुण्यार्थी समझते हैं।
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उक्त जल विभिन्न प्रकार की लाईलाज बीमारियों के लिए रामबाण साबित हुआ है। इतिहास पर करे, तो यह गर्म जल कुदरती देन है। जिसके कारण आज सोहना कस्बा देश-विदेश में विख्यात है।

देश की राजधानी दिल्ली से 50 किलोमीटर व साईबर सिटी गुड़गांव से मात्र 13 किलोमीटर अरावली पहाड़ी पर्वतमालाओं की तलहटी में स्थित सोहना कस्बा अपनी प्राचीन व विश्वसनीय प्राकृतिक मान्यताआें से प्रसिद्ध है।
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कस्बे में स्थापित प्राकृतिक गंधकयुक्त गर्म जल सरोवर ने सोहना का नाम विश्व के मानचित्र पर अंकित कर दिया है। सर्दियों के मौसम में इस गर्म जल का महत्व काफी बढ़ जाता है। बताया जाता है कि पूरे भारत वर्ष में इससे ज्यादा तापमान का गर्म जल अन्य किसी स्थान पर नहीं है।

गर्म जल सरोवर की मान्यताएं
प्राकृतिक गर्म जल चर्म रोगियों, खांसी, दर्द व बनदर्द बीमारियों के लिए फायदेमंद है। हजारों की संख्या में मरीज इस जल से लाभ प्राप्त कर चुके हैं। इसके अलावा शादी-ब्याह, जन्म, मरण, के कार्यक्र्तमों में स्थानीय निवासी सरोवर के जल का इस्तेमाल करके पुण्य समझते है।

परिवार में नवजात पुत्र की प्राप्ति पर नागरिक सरोवर की गुम्बद पर ध्वजा चढ़ाते है। बताया जाता है कि बच्चे की प्राप्ति न होने पर इस तीर्थ स्थल पर मनौती मांगते पर इच्छा अवश्य पूर्ण होती है।

वर्तमान स्वरूप
सन् 1948 में सरोवर के रख रखाव के लिए स्थानीय नागरिकों ने पंजीकृत संख्या का गठन करके विकास कार्य कराये है। आज सरोवर की सुंदरता देखते ही पर्यटक मंत्रमुग्ध हो जाते है। उक्त विकास में सरकार का रवैया पूर्णत: नकारात्मक रहा है। सरकार ने आज तक भी विकास में योगदान नहीं दिया है।
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