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Delhi NCR News: अनुमति रद्द होने के बावजूद जेएनयू में हुई उमर खालिद की पुस्तक पर परिचर्चा

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जेएनयू छात्र संघ और एबीवीपी समर्थित छात्रों के बीच तनातनी, एक-दूसरे के खिलाफ जमकर हुई नारेबाजी
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अमर उजाला ब्यूरो

नई दिल्ली। जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय में सोमवार को जेएनयू छात्र संघ और एबीवीपी समर्थित छात्रों के बीच तनातनी देखने को मिली। दोनों गुटों ने एक-दूसरे के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। जेएनयू में इन दिनों विश्वविद्यालय के पूर्व छात्र रहे उमर खालिद की किताब फ्रैक्चरड कम्युनिटीज : आदिवासी हिस्ट्री एंड द पॉलिटिक्स ऑफ पावर पुस्तक को लेकर काफी विवाद चल रहा है। इस किताब पर परिचर्चा के लिए जेएनयू प्रशासन ने अनुमति नहीं दी थी। हालांकि फिर भी एसएसएस-2 के बाहर परिचर्चा की गई।

एबीवीपी समर्थित छात्रों ने आंतकवाद की कब्र खुदेगी, जेएनयू छात्र संघ की कब्र खुदेगी, फांसी देने जैसे नारे लगाए। साथ ही तालिबान को छात्र संघ में बुलाने की बात भी नारेबाजी के दौरान की। नारेबाजी करने वाले छात्रों के हाथों में उमर के पिता क्या सिमी आतंकवादी संगठन से जुड़े नहीं, उमर ने अफजल गुरु का बचाव, आतंकवाद आपकी अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता नहीं है सवाल वाले पोस्टर भी थे। परिचर्चा कार्यक्रम का विरोध दर्ज कराने के लिए आने वाले छात्रों की संख्या ज्यादा नहीं थी। करीब पांच-छह छात्र थे। छात्रों ने परिचर्चा में किसी भी आदिवासी समुदाय के न होने और कश्मीर को लेकर भी वक्ताओं से सवाल पूछे।
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वहीं दूसरी ओर जेएनयू छात्र संघ समर्थित छात्रों ने एबीवीपी गो बैक, उमर खालिद को रिहा करो, जेल के ताले टूटेंगे सारे साथी छूटेंगे जैसे नारे लगाए। परिचर्चा में करीब 300 की तादाद में लोग पहुंचे। मंच पर एक वक्ता ने सवाल पूछने पर कहा कि आप हमें अछू और गद्दार बोलिए जो बोलिए उसी नाम को लेकर उल्टा बोलेंगे। बता दें कि जेएनयू छात्र ने कार्यक्रम को लेकर पोस्टर जारी किया था। पहले यह कार्यक्रम एसएसएस में होना था। जिसकी अनुमति भी मिल गई थी। फिर जेएनयू प्रशासन ने परिचर्चा से जुड़े तथ्यों को छिपाने के संबंध में कार्यक्रम की अनुमति को रद्द कर दिया था। जिसके बाद छात्र संघ ने एसएएसएस-2 के बाहर परिचर्चा के आयोजन की घोषणा की थी।
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वक्ता से माइक्रोफोन छीनने की कोशिश

परिचर्चा के संबंध में जेएनयू छात्र संघ ने बयान जारी कर कहा कि कार्यक्रम की अनुमति अंतिम समय में रद्द किए जाने के बावजूद छात्र संघ ने कार्यक्रम आयोजित किया। छात्रसंघ ने आरोप लगाते हुए कहा कि प्रशासन ने छात्रों को डराने और कार्यक्रम रोकने की कोशिश की, लेकिन इसके बावजूद बड़ी संख्या में छात्र कार्यक्रम में शामिल हुए। एबीवीपी ने कार्यक्रम में व्यवधान डालने का प्रयास किया। वक्ता से माइक्रोफोन छीनने का प्रयास किया। छात्रसंघ ने परिचर्चा पैनलिस्टों के साथ दुर्व्यवहार और कथित आपत्तिजनक टिप्पणियां किए जाने का भी आरोप लगाया। जेएनयू छात्र संघ के महासचिव सुनील यादव ने कहा कि राजनैतिक साजिश के चलते उमर खालिद सहित जिन भी छात्रों को अलग-अलग मामलो में बिना ट्रायल के जेल बंद किया गया है उन्हें रिहा किया जाए। छात्र संघ की मांग यह शुरू से रही।
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