मोरटा गांव में बृहस्पतिवार दोपहर बंदर ने गला दबाकर एक विकलांग मासूम की जान ले ली। हादसे के वक्त मासूम पलंग पर लेटा था और उसके तीन भाई वहीं खेल रहे थे। पिता, दादा और दादी नौकरी पर और मां मायके गई थी।
बंदर को कमरे में आता देख तीनों भाई शोर मचाते हुए भाग गए, मगर विकलांग मोहन नहीं भाग सका। बंदर ने पलंग पर चढ़कर दोनों हाथों से उसका गला दबा दिया। मूलरूप से मुजफ्फरनगर के बुढ़ाना निवासी बबलू का परिवार 15 साल से मोरटा में रह रहा हैं।
परिवार में पिता ओमपाल, मां बालेश, पत्नी शशि और चार बच्चे गोलू (8), श्रीकांत (6), जुड़वा मोहन एवं सोहन (4) हैं। इनमें मोहन बचपन से ही विकलांग है। बबलू और ओमपाल ईंट भट्टे पर काम करते हैं, जबकि बालेश एक स्कूल में चपरासी है। बबलू ने बताया कि पत्नी छह दिन से दिल्ली स्थित मायके में है।