शिक्षा विभाग ने दो दिन में मांगी रिपोर्ट
शिक्षा विभाग ने समिति को दो दिन के भीतर मामले की जांच रिपोर्ट सौंपने के निर्देश दिए हैं। विभाग ने कहा है कि जांच निर्धारित कानूनी प्रावधानों और बाल संरक्षण दिशा-निर्देशों के अनुसार की जाएगी। बच्चे के माता-पिता की शिकायत पर जाफराबाद थाने में एफआईआर दर्ज की गई है। पुलिस ने स्कूल से सीसीटीवी फुटेज और कुछ अन्य सबूत भी जुटाए हैं।
1500 रुपये में दिया था सीसीटीवी फुटेज का एक्सेस
स्कूल प्रशासन ने फुटेज देने से साफ मना कर दिया। हालांकि 25 अगस्त को स्कूल प्रशासन ने 1500 रुपये लेकर माता-पिता को सीसीटीवी कैमरों की ऑनलाइन एक्सेस दे दिया। इसके बाद ताे वह फंसता चला गया। मासूम की मां ने ऑनलाइन एक्सेस से 16, 17 और 18 अगस्त की पुरानी फुटेज निकाल ली। छानबीन के बाद फौरन स्कूल के निदेशक, प्रिंसिपल, टीचर्स और आया के खिलाफ पॉक्सो, जेजे एक्ट समेत बीएनएस की कई धाराओं में केस दर्ज किया गया है।
मासूम के पिता ने लगाए आरोप
बच्चे के पिता ने बताया कि उनका बेटा महज तीन साल पांच माह का है। स्कूल में दाखिले के बाद से वह बुरी तरह डरा रहने लगा था। उसने घर में बातचीत करना छोड़ दिया था और रात को ठीक से सो नहीं पाता था। बच्चा सोते-सोते रोने लगता था और कान में दर्द की शिकायत भी करता था। 18 अगस्त को ईएनटी विशेषज्ञ को दिखाने पर पूरी वारदात का पता चला। डॉक्टरों ने बताया कि बच्चा बहुत डरा हुआ है और उसे सामान्य होने में समय लगेगा। परिवार का आरोप है कि स्कूल प्रशासन ने जिम्मेदारी नहीं ली।
पुलिस को दिए बयान में पिता ने बताया कि पिछले कुछ दिनों से उनका बच्चा स्कूल व टॉयलेट जाने से घबराता था। उसके कान में दर्द था। वह रात को ठीक से सो भी नहीं पा रहा था। परिवार ने मासूम को ईएनटी डॉक्टर को दिखवाया। वहां पहुंचने पर डॉक्टर ने जब मासूम की जांच की तो उसके दोनों कान के पर्दों पर सूजन की बात की। डॉक्टर का कहना था कि पिटाई के कारण उसके कान में सूजन है।