बिग बुल इंफ्रास्ट्रक्चर के निदेशक योगेश शर्मा
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दिल्ली पुलिस की आर्थिक अपराध शाखा (ईओडब्ल्यू) ने मै. बिग बुल इंफ्रास्ट्रक्चर के निदेशक योगेश शर्मा को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने उसे चार दिन के रिमांड पर ले रखा है। योगेश शर्मा पर आरोप है कि दिल्ली-जयपुर हाईवे पर प्रोजेक्ट लांच करने के नाम पर उसने लोगों से पैसा इन्वेस्ट कराया और उसके बाद फरार हो गया। प्रोजेक्ट तो शुरू हुआ नहीं, मगर लोगों से करोड़ों रुपये ठग लिए गए। प्रोजेक्ट का शुरुआती काम भी शुरू नहीं हुआ है।
ईओडब्ल्यू की डीसीपी वर्षा शर्मा के अनुसार, योगेश शर्मा ने दो अन्य निदेशकों चेतन व सत्यनारायण शर्मा के साथ चंदवाजी, एनएच-8 राजस्थान में बिग बुल आशियाना प्रोजेक्ट लांच करने की बात वर्ष 2013 में कही थी। आरोपियों ने लोगों को सस्ते में मकान देने का झांसा दिया था और करोड़ों रुपये ले लिए थे। इसके बाद आरोपी फरार हो गए। संदीप व अन्य की शिकायत पर ईओडब्ल्यू में 22 जून, 2018 को मामला दर्ज किया था। तीनों आरोपी जांच में शामिल नहीं हुए थे।
डीसीपी वर्षा शर्मा ने बताया कि दिल्ली पुलिस के पास अब तक 13 शिकायतकर्ता आ चुके हैं। आरोपी ने लोगों को 20 महीने में मकान पर कब्जा देने की बात कही। आरोपी ने न तो प्रोजेक्ट शुरू किया और न ही लोगों को पैसे लौटाए। शिकायतकर्ताओं को पता लगा कि आरोपियों ने प्रोजेक्ट के लिए संबंधित एजेंसियों व सरकार से अनुमति भी नहीं ली थी। जिस जमीन पर प्रोजेक्ट शुरू होने का दावा था, वह भी किसी और बिल्डर की थी।
ईओडब्ल्यू को जांच में पता लगा कि योगेश शर्मा इंस्टीट्यूट ऑफ बिजनेस मैनेजमेंट नाम से सी-29, सेक्टर-7 नोएडा में ऑफिस चला रहा है। पुलिस टीम ने नोएडा में दबिश देकर आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने आरोपी को कोर्ट में पेश कर चार दिन के रिमांड पर लिया है। फरार दो निदेशकों की तलाश में दिल्ली व एनसीआर में दबिशें दी जा रही हैं।