फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Delhi NCR News: जर्जर भवन ने छीना बच्चों का सुरक्षित आशियाना, निजी घर से संचालित आंगनबाड़ी

विज्ञापन
विज्ञापन
वर्षों से बंद पड़ा आंगनबाड़ी भवन, मजबूरी में निजी मकान से मिल रही बच्चों और महिलाओं को सेवाएं
विज्ञापन


सद्दाम हुसैन

पिनगवां ।
बच्चों के बेहतर भविष्य की नींव रखने वाले आंगनवाड़ी केंद्र का अपना ही आशियाना बदहाल हो जाए तो सरकारी योजनाओं का असर भी सीमित होकर रह जाता है। गांव गंगवानी में वर्षों से जर्जर पड़े आंगनबाड़ी भवन की तस्वीर इसी हकीकत को बयां करती है। भवन उपयोग के लायक नहीं होने के कारण केंद्र पिछले कई वर्षों से एक निजी घर से संचालित किया जा रहा है। जानकारी के अनुसार गांव में आंगनबाड़ी भवन का निर्माण कई वर्ष पहले कराया गया था, लेकिन निर्माण के कुछ ही महीनों बाद भवन की एक दीवार ढह गई। इसके बाद सुरक्षा के मद्देनजर आंगनबाड़ी कार्यकर्ता केंद्र का सामान गांव के एक निजी मकान में ले गई और वहीं से बच्चों की प्री-स्कूल शिक्षा तथा विभाग की विभिन्न योजनाओं का संचालन शुरू कर दिया। बाद में भवन की मरम्मत कराई गई, लेकिन मरम्मत के तुरंत बाद ही दीवार फिर से गिर गई। इसके बाद भवन की ओर किसी ने ध्यान नहीं दिया और वह पूरी तरह जर्जर होता चला गया। आज स्थिति यह है कि भवन के कमरे, शौचालय, बाथरूम और चारदीवारी पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो चुके हैं। परिसर में घास और झाड़ियां उग आई हैं, जिससे बच्चों के खेलने और अन्य गतिविधियों के लिए भी पर्याप्त जगह नहीं बची है। ऐसे हालात में आंगनबाड़ी केंद्र को भवन में संचालित करना पूरी तरह असुरक्षित माना जा रहा है। आंगनबाड़ी कार्यकर्ता मुन्नी ने बताया कि भवन की मरम्मत और नए निर्माण की मांग को लेकर विभाग को कई बार लिखित शिकायत भेजी जा चुकी है, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। उन्होंने कहा कि भवन की अनुपलब्धता बच्चों और महिलाओं के लिए सबसे बड़ी समस्या बनी हुई है। इसके बावजूद वह और हेल्पर निजी घर से केंद्र संचालित कर बच्चों को पोषण, प्री-स्कूल शिक्षा और विभाग की अन्य योजनाओं का लाभ उपलब्ध कराने का हरसंभव प्रयास कर रहे हैं। ग्रामीणों ने महिला एवं बाल विकास विभाग से मांग की है कि जर्जर भवन का जल्द पुनर्निर्माण कराया जाए, ताकि बच्चों को सुरक्षित वातावरण में शिक्षा और पोषण संबंधी सुविधाएं मिल सकें तथा महिलाओं को भी विभागीय सेवाओं का पूरा लाभ प्राप्त हो।
विज्ञापन


…….

गंगवानी आंगनवाड़ी भवन की समस्या को लेकर कई बार लिखित रूप से उच्च अधिकारियों को प्रस्ताव और रिपोर्ट भेजी जा चुकी है। भवन की कमी से केंद्र निजी मकान से संचालित हो रहा है। फिलहाल विभाग की ओर से कोई नई अपडेट या स्वीकृति प्राप्त नहीं हुई है।
विज्ञापन

-गुंजन, सुपरवाइजर, महिला एवं बाल विकास विभाग

फोटो कैप्शन:- गंगवानी गांव का जर्जर आंगनवाड़ी भवन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें