25 वर्ग गज के प्लॉट पर बनी थी चार मंजिला इमारत, भूकंप के बाद आई थीं दरारें, एनडीआरएफ समेत कई एजेंसियां राहत-बचाव में जुटीं
अमर उजाला ब्यूरो
शाहदरा। उत्तर-पूर्वी दिल्ली के न्यू सीमापुरी स्थित ईदगाह मछली मंडी के पास बुधवार दोपहर करीब 3:10 बजे एक जर्जर चार मंजिला इमारत अचानक भरभराकर गिर गई। हादसे के समय मकान में मौजूद और आसपास से गुजर रहे लोग मलबे की चपेट में आ गए। देर रात तक राहतकर्मियों ने 11 लोगों को मलबे से बाहर निकाल लिया था। इनमें तीन लोगों की मौत हो गई, जबकि आठ घायलों को इलाज के लिए राजीव गांधी सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल में भर्ती कराया गया है। मृतकों में करीब चार महीने की गर्भवती 21 वर्षीय गुलअफशां, 12 वर्षीय किशोरी और एक बच्चा अब्दीम शामिल है।
मलबे से निकाले गए घायलों की पहचान मोमिन मिर्जा (56), तीन वर्षीय अब्दान, अब्दुल रहमान (28), देवरुद्दीन (28), सलमा (50), छोटे (34), सकीना (35) और समद (30) के रूप में हुई है। सभी का अस्पताल में इलाज चल रहा है। राहतकर्मी लगातार मलबा हटाने में जुटे हैं और यह सुनिश्चित किया जा रहा है कि कोई अन्य व्यक्ति ढहे हुए ढांचे के नीचे न फंसा हो।
हादसे की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस और दमकल की टीमें मौके पर पहुंच गईं। करीब 15 से 20 मिनट में बचाव अभियान शुरू कर दिया गया। इसके बाद एनडीआरएफ, एमसीडी और डीडीएमए की टीमें भी मौके पर पहुंचीं। आसपास के हिस्से को खाली कराने के साथ मलबे की व्यवस्थित तरीके से तलाशी ली जा रही है।
भूकंप के बाद बढ़ गया था खतरा
स्थानीय निवासियों के मुताबिक, करीब 25 वर्ग गज डूसिब की जमीन पर बनी यह इमारत 15 से 20 साल पुरानी थी। लोगों का कहना है कि मूल रूप से मकान दो मंजिला था, लेकिन पिछले साल उसके ऊपर दो और मंजिलें बना दी गईं। इमारत से सटे हिस्से में पिछले कुछ समय से तोड़फोड़ का काम भी चल रहा था। स्थानीय लोगों के अनुसार, इससे मकान की नींव और दीवारों पर दबाव पड़ा और ढांचा कमजोर हो गया। मंगलवार रात आए भूकंप के बाद इमारत में कई जगह दरारें दिखाई देने लगी थीं। खतरे को देखते हुए मकान मालिक ने इसे खाली कराने की तैयारी शुरू कर दी थी। हालांकि, लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला जाता, इससे पहले ही अगले दिन दोपहर इमारत का अगला हिस्सा अचानक ढह गया और कुछ ही पलों में पूरा ढांचा मलबे में तब्दील हो गया।