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इस बार संतों के सानिध्य में होगी डिजिटल रामलीला, मोबाइल और लैपटॉप पर ले सकेंगे आनंद

Tue, 13 Oct 2020 09:38 AM IST
प्राची प्रियम न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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रामलीला का मंचन करते कलाकार - फोटो : अमर उजाला
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कोरोना के चलते इस बार रामलीला का मंचन नहीं हो पा रहा है। ऐसे में लोगों को डिजिटल रामलीला दिखाने की तैयारी चल रही है। नवरात्र के 9 दिन लोगों को उनके मोबाइल, लैपटॉप और कंप्यूटर पर रोजाना रामलीला का मंचन देखने को मिलेगा। 

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इस अद्भुत डिजिटल रामलीला मंचन का आयोजन नमो मंत्र फाउंडेशन की ओर से किया जा रहा है। जिसे देश के संतों के सानिध्य में 50 से ज्यादा सांसद जन जन तक पहुंचाने का काम कर रहे हैं।

सोमवार को करोल बाग के होटल सोपन हाइट्स में आयोजित प्रेस वार्ता के दौरान श्रीराम कथा वाचक संत गोस्वामी सुशील जी महाराज ने इस डिजिटल रामलीला के सफल आयोजन की जिम्मेदारी नैनीताल के सांसद अजय भट्ट को सौंपी। इस मौके पर दक्षिणी दिल्ली से सांसद रमेश बिधूड़ी, श्रीराम कथावाचक अजय भाई, साध्वी प्रज्ञा भारती व नमो मंत्र फाउंडेशन के संस्थापक अध्यक्ष कुमार सुशांत भी उपस्थित थे।
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सुशील जी महाराज ने कहा कि नमो मंत्र फाउंडेशन का यह प्रयास सराहनीय और ऐतिहासिक है। उन्होंने बताया कि 17 से 25 अक्तूबर तक केवल एक पासवर्ड के जरिए या फिर यूट्यूब पर एक वक्त में पूरी दुनिया डिजिटल रामलीला का मंचन देख सकेगी। लगभग ढाई घंटे की डिजिटल रामलीला को रोजाना 15 से 20 मिनट प्रसारित किया जाएगा। 

सांसद अजय भट्ट ने कहा कि इसी वर्ष अयोध्या में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने श्रीराम मंदिर निर्माण के लिए भूमि-पूजन किया है। जिससे सनातन धर्म और श्रीराम को मानने वालों में बेहद खुशी है। उन्होंने कहा कि जहां रामलीला मंचन को उत्सव की तरह मनाया जाना चाहिए था, वहीं कोरोना काल में इसके उत्साह में कमी ना आए, इसके लिए नमो मंत्र फाउंडेशन डिजिटल रामलीला का मंचन करने जा रहा है। 

सांसद रमेश बिधूड़ी ने सबसे आह्वान करते हुए कहा कि हर एक व्यक्ति को श्रीराम के आदर्शों को जन-जन तक फैलाने के लिए इस डिजिटल रामलीला मंचन का अधिक से अधिक प्रसार करना चाहिए।

साध्वी प्रज्ञा भारती ने कहा कि प्रभु श्रीराम एक ऐसे आदर्श हैं जिनके पदचिह्नों का अनुसरण हर एक को करना चाहिए। इस बार की रामलीला डिजिटल हो रही है। जिसके प्रसारण के लिए नमो मंत्र फाउंडेशन धन्यवाद का पात्र है। उन्होंने बताया कि दिल्ली एनसीआर के लगभग 550 विद्यालयों के छात्रों के माध्यम से युवाओं के बीच भी इस डिजिटल रामलीला को पहुंचान का प्रयास किया जा रहा है।

ताकि युवाओं को यह पता चल सके कि भगवान श्रीराम का पूरा जीवन बलिदान और त्याग की प्रतिमूर्ति है। श्रीराम कथावाचक अजय भाई जी ने कहा कि श्रीराम सभी के हैं और हर धर्म के हैं। इसलिए राजनीति और द्वेष से परे होकर नमो मंत्र फाउंडेशन द्वारा प्रस्तुत की जा रही इस डिजिटल रामलीला के मंचन का प्रसार अधिक से अधिक किया जाना चाहिए।

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