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Delhi NCR News: दिल्ली में डिजिटल प्रिंटिंग सेक्टर को मिली राहत, फ्लेक्स-विनाइल अब ग्रीन कैटेगरी में

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सीटीओ मंजूरी 120 दिन से घटकर 20 दिन, तय समय में न मिले अनुमति तो हो जाएगा अपने आप अप्रूव
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सरकार ने इसे बताया प्रदूषण नियंत्रण के साथ इंडस्ट्री ग्रोथ का संतुलित मॉडल

अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली।
दिल्ली सरकार ने कारोबार को आसान बनाने की दिशा में एक बड़ा फैसला लेते हुए फ्लेक्स, विनाइल और पीवीसी पर डिजिटल प्रिंटिंग को ग्रीन कैटेगरी में शामिल कर किया है। इससे प्रिंटिंग सेक्टर से जुड़े फ्लेक्स, विनाइल और पीवीसी पर डिजिटल प्रिंटिंग करने वाले उद्यमियों को बड़ी राहत मिलेगी।

दिल्ली पॉल्यूशन कंट्रोल कमेटी ने सेंट्रल पॉल्यूशन कंट्रोल बोर्ड की गाइडलाइंस के मुताबिक इस गतिविधि को ग्रीन कैटेगरी में शामिल कर लिया है। इस फैसले को ईज ऑफ डूइंग बिजनेस की दिशा में अहम कदम माना जा रहा है। सरकार ने कहा कि इससे एक तरफ प्रदूषण पर नियंत्रण रहेगा, वहीं दूसरी तरफ इंडस्ट्री को भी बढ़ावा मिलेगा। सबसे अहम बदलाव ये है कि ग्रीन कैटेगरी में आने वाले उद्योगों के लिए कंसेंट टू ऑपरेट (सीटीओ) की प्रक्रिया अब काफी तेज हो गई है। पहले मंजूरी मिलने में 120 दिन तक लगते थे, लेकिन अब यह समय घटाकर 20 दिन कर दिया गया है। इतना ही नहीं, अगर तय समय में फैसला नहीं होता है तो इसे डीम्ड अप्रूवल यानी अपने आप मंजूर माना जाएगा। इससे अनावश्यक देरी और कागजी झंझट कम होंगे।
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प्रदूषण के खिलाफ और बिजनेस दोनों में लाभ
उद्योग और पर्यावरण मंत्री मंजिंदर सिंह सिरसा ने कहा कि ये कदम प्रदूषण के खिलाफ लड़ाई और बिजनेस को बढ़ावा देने के निर्णय को साथ लेकर चलने की सोच का हिस्सा है। उन्होंने कहा कि ये दिल्ली का नया मॉडल है, जिसमें संतुलित और डेटा आधारित अप्रोच अपनाई जा रही है। मंत्री ने यह भी बताया कि सरकार कम प्रदूषण करने वाले उद्योगों को बढ़ावा देने के लिए कैटेगरी सिस्टम को लगातार बेहतर कर रही है। फिलहाल ग्रीन कैटेगरी में 125 से ज्यादा सेक्टर शामिल हैं, जिनमें अपैरल, फर्नीचर, पैकेजिंग, आयुर्वेदिक यूनिट्स, खिलौने, ऑप्टिकल गुड्स और कोल्ड स्टोरेज जैसे कई एमएसएमई सेक्टर आते हैं।
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एमएसएमई सेक्टर को सीधा लाभ
सरकार ने कहा कि इस फैसले से खासतौर पर छोटे और मध्यम उद्योगों को सीधा फायदा मिलेगा। लाइसेंस और मंजूरी की लंबी प्रक्रिया में लगने वाला समय कम होगा और कारोबारियों का भरोसा बढ़ेगा। मंत्री ने इसके लिए मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता का आभार जताया। उन्होंने कहा कि दिल्ली में लंबे समय बाद ऐसे सुधार हो रहे हैं। सरकार पुराने लाइसेंस राज से देरी को खत्म कर पारदर्शी और भरोसे पर आधारित सिस्टम बनाना चाहती है।
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