उत्तर रेलवे में 30 नवंबर तक लगेंगे शिविर, घर बैठे चेहरे की पहचान से जमा कर सकेंगे प्रमाणपत्र
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। रेलवे पेंशनभोगियों और पारिवारिक पेंशन पाने वालों को जीवन प्रमाणपत्र जमा करने के लिए बैंकों और कार्यालयों के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे। उत्तर रेलवे की ओर से एक से 30 नवंबर तक डिजिटल जीवन प्रमाणपत्र अभियान-5 चलाया जाएगा। इसके तहत सभी मंडलों और विभिन्न कारखानों में पेंशनभोगियों की सुविधा के लिए शिविर लगाए जाएंगे।
रेलवे के अनुसार, यह अभियान पेंशन एवं पेंशनभोगी कल्याण विभाग और रेलवे बोर्ड के दिशा-निर्देशों के तहत आयोजित किया जाएगा। इसका उद्देश्य जीवन प्रमाणपत्र जमा करने की प्रक्रिया को आसान बनाना और पेंशनभोगियों को अनावश्यक परेशानी से बचाना है।
डिजिटल जीवन प्रमाणपत्र की सुविधा के तहत पेंशनभोगी देश में कहीं से भी और किसी भी समय अपना प्रमाणपत्र तैयार कर सकते हैं। इसके लिए उन्हें पेंशन कार्यालय जाने की जरूरत नहीं होगी। वे एंड्रॉयड या आईओएस मोबाइल फोन पर चेहरे की पहचान करने वाली तकनीक का इस्तेमाल कर प्रमाणपत्र जमा कर सकेंगे। इससे बैंकों में लंबी कतारों में लगने की परेशानी भी कम होगी। उत्तर रेलवे ने सभी पात्र पेंशनभोगियों से अपील की है कि वे अंतिम तिथि का इंतजार किए बिना निर्धारित समय के भीतर जीवन प्रमाणपत्र जमा कर दें, ताकि पेंशन संबंधी औपचारिकताएं समय पर पूरी हो सकें।