करोल बाग क्षेत्र की वारदात दो माह बाद दर्ज हुआ मामला, पुलिस कर रही जांच
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। मध्य दिल्ली के करोल बाग इलाके में एक शख्स को पुलवामा हमले में शामिल होने का झांसा देकर ठगी का शिकार बनाया गया। आरोपियों ने खुद को पुलिस अधिकारी बताते हुए पीड़ित को डिजिटल अरेस्ट कर लिया और उसके बैंक खातों से 9.67 लाख रुपये ठग लिए। दो माह तक जांच टलने के बाद अब करोल बाग थाना पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है।
जानकारी के अनुसार, करोल बाग निवासी 32 वर्षीय मुकुल को अगस्त 2025 में एक अज्ञात नंबर से कॉल आया। कॉलर ने दावा किया कि मुकुल की आईडी के आधार पर कश्मीर में पुलवामा हमले के लिए एक बैंक खाता खोला गया है, जिसमें 50 लाख रुपये जमा हुए हैं। कॉलर ने यह भी कहा कि खाता मुकुल के नाम पर है और उसका मोबाइल नंबर उससे जुड़ा है।
आतंकी हमले में शामिल होने का आरोप सुनकर मुकुल घबरा गए। आरोपियों ने खुद को एटीएस अधिकारी बताकर उन्हें डराया और कहा कि जांच पूरी होने तक वे घर से बाहर नहीं जा सकते। उन्हें दरवाजा अंदर से बंद कर वीडियो कॉल पर जुड़ने का निर्देश दिया गया। आरोपियों ने मुकुल से कहा कि वह किसी परिजन को इस बारे में कुछ न बताए।
आरोपियों ने दावा किया कि मुकुल के बैंक खातों में मौजूद रकम की जांच की जाएगी और उसे रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया से अधिकृत खाते में भेजना होगा। विश्वास में आकर मुकुल ने अपने दो खातों से कुल 9.67 लाख रुपये ट्रांसफर कर दिए। इसके बाद आरोपियों ने जमानत के नाम पर चार लाख रुपये और मांगने शुरू कर दिए। जब मुकुल ने पैसे देने से इन्कार किया, तो आरोपियों ने फोन बंद कर दिया।
पुलिस जांच में जुटी
मुकुल को ठगी का अहसास हुआ तो उन्होंने अगस्त में पुलिस से शिकायत की। हालांकि, पुलिस ने जांच के नाम पर मामला दर्ज करने में दो माह का समय लिया। अब करोल बाग थाने में धोखाधड़ी का मामला दर्ज कर लिया गया है और पुलिस टेक्निकल सर्विलांस व बैंक खातों की डिटेल के आधार पर आरोपियों की तलाश कर रही है।