तीनों ठगों को लखनऊ से किया गिरफ्तार, बदल रहे थे ठिकाने
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अमर उजाला ब्यूरो नई दिल्ली। क्राइम ब्रांच के साइबर सेल ने डिजिटल अरेस्ट और निवेश के नाम पर ठगी करने वाले अंतरराज्यीय गिरोह का पर्दाफाश कर तीन ठगों को लखनऊ से गिरफ्तार किया है। साइबर सेल के डीसीपी आदित्य गौतम ने बताया कि पहचान लखनऊ निवासी अरुण सैनी, विमलेश और मोहम्मद अबीद उर्फ मुबाशिर के रूप में हुई है। पुलिस को इन आरोपियों की तलाश थी और ये लगातार अपने ठिकाने बदल रहे थे। पुलिस ने इन्हें लखनऊ के अलग-अलग स्थानों पर छापेमारी करके गिरफ्तार किया।
पुलिस पूछताछ में सामने आया कि आरोपी फर्जी पुलिस अधिकारी और सरकारी एजेंसी के नाम पर पीड़ित को कॉल करके उसे डराते-धमकाते थे। फिर फर्जी कानूनी कार्रवाई का भय दिखाकर मोटी रकम अपने फर्जी बैंक खातों में ट्रांसफर करवाते थे। इन्होंने कुछ समय पहले एक 71 वर्षीय महिला से कानून-प्रवर्तन एजेंसियों का अधिकारी बनकर 49 लाख रुपये की ठगी की थी। इस मामले में पुलिस अभी तक छह आरोपियों को गिरफ्तार कर चुकी है। पुलिस जांच में सामने आया कि गरीब और बेरोजगार युवाओं को कुछ पैसे देकर आरोपित उनके नाम पर बैंक खाते खुलवाते थे। फिर इन खातों का इस्तेमाल ठगी की रकम ट्रांसफर कराने में करते थे। जालसाज अरुण सैनी ने आठवीं तक पढ़ाई की है। वह ठगों को फर्जी खाते उपलब्ध कराता था। आरोपी विमलेश बीएससी का छात्र है। मोहम्मद अबीद उर्फ मुबाशिर बैंक खाते की किट ठगों तक पहुंचाता था। इस मामले में अन्य आरोपियों की तलाश की जा रही है।