ट्रॉली की चपेट में आने से टूट गई थी पैर की हड्डी, आरोप-इलाज में लापरवाही से आज भी आधा शरीर काम नहीं करता
माई सिटी रिपोर्टर
नोएडा। सेक्टर-3 स्थित श्रम विभाग कार्यालय में 11 साल से अपने हक की लड़ाई लड़ रहे दिव्यांग मनोज कुमार गुप्ता मंगलवार को अधिकारियों से न्याय की गुहार लगाने पहुंचे। लंबे समय से कार्रवाई नहीं होने का आरोप लगाते हुए वह कार्यालय में फूट-फूटकर रो पड़े। उन्होंने अपनी आपबीती बताते हुए कहा कि हादसे के बाद से उनका जीवन आर्थिक तंगी में गुजर रहा है। न वह परिवार का खर्च उठा पा रहे हैं और न ही अपना इलाज करा पा रहे हैं।
खोड़ा निवासी मनोज कुमार गुप्ता के मुताबिक वह फेज-2 स्थित एक कंपनी में कर्मचारी थे। दिसंबर 2015 में काम के दौरान एक ट्रॉली उनके ऊपर चढ़ गई थी। हादसे में उनके पैर की हड्डी टूट गई। उनका दावा है कि इसके बाद से उनके शरीर का आधा हिस्सा ठीक से काम नहीं कर रहा है। शारीरिक परेशानी के कारण वह दूसरी जगह नौकरी करने में भी सक्षम नहीं हैं।
मनोज ने बताया कि हादसे के बाद उन्होंने कंपनी से अपने इलाज और बच्चों की पढ़ाई के लिए आर्थिक मदद की मांग की थी। उनका आरोप है कि कंपनी ने शुरुआत में इलाज कराया और बच्चों की पढ़ाई का खर्च उठाने की बात भी कही, लेकिन इलाज सही तरीके से नहीं होने के कारण 11 साल बाद भी उन्हें राहत नहीं मिली।
उन्होंने कहा कि परिवार की जिम्मेदारी उठाना मुश्किल हो गया है। बच्चों की पढ़ाई और खुद के इलाज का खर्च तक नहीं निकल पा रहा है। उनका दावा है कि अब तक उन्हें किसी सरकारी योजना का लाभ भी नहीं मिला। मनोज ने कहा कि यदि जल्द न्याय नहीं मिला तो वह हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाएंगे। मनोज मूल रूप से हरदोई के रहने वाले हैं। उन्होंने बताया कि रोजगार की तलाश में पत्नी और बच्चों के साथ नोएडा आए थे। हादसे के बाद परिवार की आर्थिक स्थिति लगातार बिगड़ती चली गई। वहीं, अपर श्रमायुक्त राकेश द्विवेदी ने बताया कि मामले में शिकायत प्राप्त हुई है। प्रकरण में नियमानुसार कार्रवाई जारी है।