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सजा सुनते ही दोषी को पड़ा दिल का दौरा

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दिल्ली के धौला कुआं गैंगरेप मामले में सजा का असर फरीदाबाद बिल्ला कॉलोनी निवासी छोटी व बड़ी बिल्ली के चेहरों पर ज्यादा नजर आया। इकबाल उर्फ छोटी बिल्ली की आंखों में जहां आंसू छलक पड़े वहीं शाहिद उर्फ बड़ी बिल्ली को दौरा पड़ गया। उसे तुरंत अस्पताल में ले जाया गया। शाहिद की पत्नी ने अपनी चूड़ियां तोड़ दीं। इसके अलावा तीन अन्य के चेहरे भी सन्न रह गए। उधर, सजा पर शाहिद की तबीयत खराब होने के तुरंत बाद उनके परिवार में कोहराम मच गया। परिवार के सदस्यों का गुस्सा मीडियाकर्मियों को भी झेलना पड़ा।
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अदालत ने अपना फैसला दोपहर 2:15 बजे तय किया था लेकिन दोषियों को लॉकअप से करीब 2:30 बजे अदालत में लाया गया व न्यायाधीश ने देरी पर नाराजगी भी जताई। अदालत ने 2:30 बजे अपना फैसला सुनाया और दोषियों को कहा कि आप सभी को आजीवन कारावास की सजा सुनाई जाती है।

न्यायाधीश विरेन्द्र भट्ट जैसे ही फैसला देकर चैंबर में गए सभी दोषियों को वहां बैठा दिया गया। सभी सन्न थे, कोई भी किसी से बात नहीं कर पा रहा था। उस्मान भी सजा को समझ गया और उसकी आंखों में भी आंसू बहने लगे तो शाहिद बैठे-बैठे कुर्सी से गिर गया उसे दौरा पड़ गया था।
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तुरंत अदालत को सूचित किया गया व शाहिद को चार पुलिसकर्मी उठाकर अस्पताल की और भागे। बावजूद इसके कोई भी दोषी हिला तक नहीं, सभी सिर झुकाकर पश्चाताप कर रहे थे। उधर शाहिद को उठाकर बाहर जाते देख सभी के परिवार के सदस्यों में हड़कंप मच गया। सभी रोते-पीटते पुलिसकर्मियों के पीछे भागे। शाहिद के पिता कालू ने कहा मरने दो, इसे तो मरना ही है। हमें इंसाफ नहीं मिला। उधर, शाहिद की पत्नी ने चूड़ियां तोड़ दीं और उनका गुस्सा मीडियाकर्मियों पर भी निकला और देख लेने की धमकी दी।
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IIT छात्रों ने पकड़वाए थे धौलाकुआं गैंगरेप आरोपी

मवेशी उठाने की स्टाइल से धौलाकुआं गैंगरेप के दोषियों के बारे में पहला व सटीक सुराग मिला था। दोषियों ने बहुत ही फुर्ती से बीपीओ कर्मी युवती को सड़क से उठाकर महिंद्रा पिकअप में डाला था। बस इस फुर्ती से ही दोषी पुलिस की गिरफ्त में आ गए थे। इसके बाद दक्षिण जिला पुलिस ने आरोपियों को पकड़ने के लिए मेवाती गिरोह पर काम करना शुरू कर दिया था और धौला कुआं सामूहिक दुष्कर्म के सभी आरोपी पुलिस की गिरफ्त में पहुंच गए थे।

दक्षिण जिला पुलिस अधिकारियों के अनुसार जिस जगह से बीपीओ कर्मी को उठाया गया था वहां से कुछ ही दूरी पर आईआईटी में पढ़ने वाले दो छात्र रहते थे और इन्होंने अपने घर के बाहर सीसीटीवी कैमरा लगा रखा था। घर में मौजूद इसमें एक छात्र की अंदर लगे टीवी स्क्रीन पर नजर थी। उसने देखा कि कुछ युवक महिंद्रा पिकअप में युवती को अगवा करके ले जा रहे हैं और वह चिल्ला रही है। ये सीन देखकर दोनों छात्र युवती को बचाने बाहर आए थे, मगर तब तक आरोपी भाग चुके थे।

गैंगरेप के आरोपियों को पकड़ने के लिए बनाई गई टीम के सदस्य जब इस सीसीटीवी फुटेज को देख रहे थे उस समय हौजखास थाने के थानाध्यक्ष अतुल कुमार वर्मा ने देखा कि आरोपी बीपीओ कर्मी युवती को महिंद्रा पिकअप में उसी फुर्ती से डाल रहे है जिस फुर्ती से मेवाती गिरोह के सदस्य मवेशी को उठाकर उसी फुर्ती से गाड़ी में डालते हैं। इस फुर्ती शब्द ने मेवात व मवेशी उठाने वाले मेवातियों के बारे में अच्छी जानकारी रखने वाले अतुल कुमार वर्मा व उसकी टीम के पुलिसकर्मियों के जहन में ये आ गया कि इस सामूहिक दुष्कर्म की वारदात को अंजाम कोई मेवाती गिरोह दे सकता है।

पुलिसकर्मियों ने जब मेवाती गिरोह के बारे में जानकारी हासिल करनी शुरू की तो पता लगा कि मेवात निवासी व कई मामलों में नामजद आरोपियों ने अनायास ही फरीदाबाद के मुजेसर थाने में सरेंडर किया था। इससे पुलिस का मेवाती गिरोह पर पूरा शक पक्का हो गया था। इसके अलावा पीड़ित के कब्जे से दस-दस के गड्डी में नोट मिल गए थे। इस बात ने भी पुलिस का शक मेवाती गिरोह पर मजबूत कर दिया था। तत्कालीन हौजखास थानाध्यक्ष अध्यक्ष अतुल कुमार वर्मा वह शख्स थे जिन्हें धौला कुआं सामूहिक दुष्कर्म को खोलने का श्रेय दिया जाता है। इसके बाद तत्कालीन दक्षिण जिला डीसीपी एचजीएच धालीवाल की देखरेख में करीब 300 पुलिसकर्मियों की टीम ने मेवात में आरोपियों को पकड़ने के लिए दबिश दी थी।
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