धनतेरस पर आयुर्वेद के प्रवर्तक भगवान धनवंतरि का पूजन और खरीददारी का शुभ मुहूर्त सुबह 9.25 बजे के बाद ही है। सुबह 7:30 से 9 बजे तक राहुकाल होने के कारण पूजन और खरीददारी वर्जित है।
राहुकाल खत्म होने के बाद सुबह 9:25 से दोपहर 2:46 तक तीन शुभ मुहूर्त हैं। इसमें व्यापारियों और आयुर्वेदाचार्यों के लिए पूजन करना शुभ रहेगा। शाम को लाभ अमृत की चौघड़िया में घरों और दुकानों में दीप जलाए जाएंगे।
पंडित दुलीदत्त कौशिक ने बताया कि इस बार धनतेरस 9 नवंबर (सोमवार) को है। धनतेरस पर खरीददारी और पूजन का मुहूर्त 9:25 से शुरू हो जाएगा। पहला मुहूर्त सुबह 9:25 से 11:36 तक धनु लगन में होगा।
धनु लगन के स्वामी देव गुरु बृहस्पति हैं, जिसमें व्यापारियों के लिए पूजन करना अति शुभ है। दूसरा मुहूर्त 11:36 से दोपहर 1:18 मिनट तक मकर लगन में है।
इसके स्वामी शनि हैं, लोहे के कारोबारी के लिए इस मुहूर्त में पूजन करना सर्वोपरि है। जिन पर शनि की साढ़ेसाती या ढैया है, उनके लिए इस मुहूर्त में पूजा करना लाभदायी होगा।
तीसरा मुहूर्त दोपहर 2:50 से शुरू होगा जो शाम 7:10 तक रहेगा। यह मुहूर्त चौघड़िया लाभ अमृत का है, यह भी भगवान धनवंतरि के पूजन के लिए विशेष फलदायी रहेगा।