जौनपुर से बसपा सांसद धनंजय सिंह पर दुष्कर्म लगाने वाली महिला ने दूसरे दिन भी अपने बयानों से मुकरते हुए अब पुलिस पर ही गलत रिपोर्ट दर्ज करने का आरोप जड़ दिया। महिला ने अदालत के समक्ष दिए बयानों में कहा कि पुलिस ने उसके गलत बयान दर्ज किए थे। महिला के बयानों से मुकरते ही आरोपी धनंजय ने जमानत आवेदन दायर कर दी व अदालत ने उसपर सुनवाई 7 अप्रैल तय कर दी है।
कड़कड़डूमा जिला अदालत की अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश सरिता बीरबल के समक्ष पेश महिला ने अपने बयान दर्ज करवाते हुए पुन: कहा कि उसे धनंजय के बारे में कुछ गलतफहमी हो गई थी। उसने कहा कि इसी कारण उसने धनंजय के खिलाफ शिकायत दी थी और पुलिस ने उसके गलत बयान दर्ज कर लिए। अदालत के समक्ष महिला के बयान पूरे हो गए। उधर, अभियोजन पक्ष ने अदालत के समक्ष अन्य गवाहों व साक्ष्य पेश करने के लिए समय मांगा व अदालत ने सुनवाई 20 मई तय कर दी।
महिला के बयानों के मुकरते ही धनंजय ने जमानत आवेदन दायर करते हुए कहा कि स्पष्ट हो गया है कि उसे फर्जी मामले में फंसाया गया है। अत: उसकी जमानत स्वीकार की जाए। अदालत ने अभियोजन पक्ष को जमानत के मुद्दे पर अपना जवाब दाखिल करने का निर्देश देते हुए सुनवाई 7 अप्रैल तय की है।
महिला ने शुक्रवार को भी दिए बयानों में कहा था कि धनंजय ने उसके साथ कभी भी दुष्कर्म या यौन शोषण नहीं किया। उसे शक था कि धनंजय उसके वैवाहिक जीवन में दखल देता है इसी कारण उसने रिश्तेदारों के कहने पर रेप का मामला दर्ज करवा दिया था।
यह पूरा मामला शुरू से ही बेहद नाटकीय मोड़ लेता रहा है। महिला का आरोप है कि धनंजय ने जुलाई 2005 से मार्च 2009 के दौरान उससे दुष्कर्म किया था। विरोध करने पर धनंजय ने उसे रिवॉल्वर दिखाकर जान से मारने की धमकी दी।
महिला ने कहा था कि पुलिस ने पहले उसकी शिकायत दर्ज नहीं की थी। पिछले वर्ष नौकरानी हत्याकांड मामले में धनंजय व उसकी पत्नी जागृति की गिरफ्तारी के बाद महिला ने पुन: उक्त शिकायत कर दी थी।
महिला ने पुलिस व मजिस्ट्रेट के समक्ष दिए बयानों में रेप का आरोप लगाया था लेकिन अब बयानों से मुकर गई।