अबूझ साये में शुमार देवोत्थान पर इस वर्ष लोग शादियां नहीं कर सकेंगे। शुक्र तारा अस्त होने के कारण इस दिन तुलसी विवाह तो होगा मगर शादियों का शुभ लगन नहीं शुरू होगा। ज्योतिषियों की मानें तो इस वर्ष आठ साये ही बचे हैं, वह भी 24 नवंबर से शुरू हो रहे हैं।
हर वर्ष जहां लोग तुलसी विवाह के दिन बिना मुहूर्त देखे ही विवाह की तिथि रखते थे वहीं इस बार ऐसा संभव नहीं हो सकेगा।
पं. राघवेंद्र पांडेय ने बताया कि तीन नवंबर को देवउत्थान एकादशी पर तुलसी और भगवान शालग्राम का विवाह तो होगा, मगर लग्न की शुरुआत नहीं होगी।
हालांकि जिन्हें जरूरी है, वे ज्योतिषियों से उपाय कराके शादी करा सकते हैं। पं. गिरीश मिश्रा ने बताया कि दो अक्तूबर को अस्त हुआ शुक्र तारा 21 नवंबर को उदय हो रहा है।
ऐसे में विवाह के शुभ मुहूर्त 24 नवंबर से शुरू होंगे। इस वर्ष अंतिम विवाह का मुहूर्त 15 दिसंबर को है। इसके बाद सूर्य के धनु राशि में प्रवेश के चलते 14 जनवरी 2015 तक शादियां नहीं हो सकेंगी।
इस वर्ष के हैं मुहूर्त
नवंबर : 24, 25, 26, 27, 30
दिसंबर : 6, 7 और 15