अरविंद केजरीवाल की सरकार ने दिल्ली बम ब्लास्ट के मुख्य आरोपी देवेंद्र सिंह भुल्लर की फांसी का विरोध किया है।
सुप्रीम कोर्ट में दिए एक हलफनामे में दिल्ली सरकार ने भुल्लर की फांसी का विरोध किया। अपने विरोध के पीछे दिल्ली सरकार ने कहा कि देवेंद्र सिंह भुल्लर एक मानसिक रोगी है, जिस कारण उसे फांसी नहीं होनी चाहिए।
देवेंद्र सिंह भुल्लर दिल्ली में 1993 में हुए बम विस्फोट का दोषी है, जिसे फांसी की सजा मिल चुकी है।
दिल्ली सरकार ने सुप्रीम कोर्ट के 21 जनवरी के उस फैसले का हवाला दिया जिसमें 15 लोगों की फांसी को उम्रकैद में बदल दिया गया था। इसी कारण दिल्ली सरकार भुल्लर को भी राहत प्रदान देने की मांग कर रही है। फिलहाल भुल्लर की फांसी पर सुप्रीम कोर्ट ने रोक लगा रखी है।
भुल्लर की पत्नी ने फांसी को आजीवन कारावास में तब्दील करने के लिए सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की है। इस अर्जी पर 19 फरवरी को सुनवाई होनी है। हाल ही में केजरीवाल ने राष्ट्रपति को पत्र लिखकर भुल्लर की फांसी माफ करने की अपील की थी।
इस विस्फोट में तत्कालीन युवा कांग्रेस अध्यक्ष मनिंदरजीत सिंह बिट्टा को निशाना बनाया गया था। हमले में बिट्टा तो बच गए थे लेकिन उनके नौ सुरक्षाकर्मी मारे गए थे।