नौकरशाहों के जरिए फरीदाबाद नगर निगम के विकास कार्यों की फाइलों को रोकना राजनीतिक मुद्दा बन गया है।
इस फैसले से कई विधायकों और पार्षदों का रिपोर्ट कार्ड खराब होने की संभावना है। इसलिए नेता तिलमिलाए हुए हैं।
राजनीतिक मजबूरी को समझते हुए श्रम एवं रोजगार राज्य मंत्री शिवचरण लाल शर्मा ने चंडीगढ़ में आला अधिकारियों से मुलाकात की।
वहीं शहरी स्थानीय निकाय की मुख्य संसदीय एवं बल्लभगढ़ की विधायक शारदा राठौर ने निगमायुक्त सहित अन्य अधिकारियों से इस संदर्भ में ऐसा रास्ता निकालने की बात कही है, ताकि विकास कार्यों पर किसी प्रकार का नकारात्मक असर न पड़े।
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विकास कार्यों को शुरू कराने के लिए शिवचरण लाल शर्मा द्वारा शुरू की गई इस राजनैतिक मुहिम को तीनों मेयरों ने समर्थन किया है। उन्होंने सरकार से अपने इस फैसले पर पुनर्विचार का आग्रह किया है।
माना यह जा रहा है कि राजनीतिक तौर पर नुकसानदायक इस फैसले को लेकर जल्द ही कांग्रेसी पार्षदों का एक प्रतिनिधिमंडल प्रदेश के एक दर्जन से अधिक कांग्रेसी विधायकों के नेतृत्व में मुख्यमंत्री से मिलकर शहरी क्षेत्रों में विकास कार्यों पर लगाए गए इस अघोषित प्रतिबंध के खिलाफ मुख्यमंत्री से गुहार लगाएगा।
जनहित में इस्तीफा दें मेयर व मंत्री: भाटिया
नगर निगम के करवाए जाने वाले विकास कार्यों पर राज्य सरकार द्वारा प्रतिबंध लगाए जाने पर भाजपा ने कड़ा एतराज जताया है। भाजपा व्यापार प्रकोष्ठ के प्रदेश अध्यक्ष जगदीश भाटिया ने हरियाणा सरकार की नीति पर सवालिया निशान लगाते हुए नगर निगम के मेयर अशोक अरोड़ा एवं राजस्व मंत्री महेंद्र प्रताप सिंह से इस्तीफे की मांग की है। भाटिया ने कहा कि यह रोक केवल फरीदाबाद में लगाई गई है, जबकि मुख्यमंत्री के गृहक्षेत्र रोहतक में आज तक किसी भी तरह की रोक नहीं लगी है। भाजपा इस नीति के खिलाफ आंदोलन चलाने के लिए तैयार है।