-मध्य जिला पुलिस ने ठगी की एक शिकायत की जांच करते हुए जामताड़ा के रहने वाले आरोपी की पहचान की
-आरोपी अन्य जालसाजों को 15 हजार रुपये में ठगी के लिए बेचता था एपीके फाइल
-फाइल के जरिये जालसाज पीड़ितों के मोबाइल में एक्सेस हासिल कर बैंक खाते में लगाते थे सेंध
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली।
मध्य जिला साइबर सेल ने कस्टमर सपोर्ट एपीके फाइल डेवलपर को देवघर झारखंड से गिरफ्तार किया है। जालसाज की पहचान जामताड़ा झारखंड निवासी उमेश रजक के रूप में हुई है। जालसाज लोगों को एपीके फाइल भेजकर उनके फोन को रिमोट पर लेकर डिजिटल ट्रांजैक्शन कर लेता था। आरोपी ठगी करने वाले अन्य जालसाजों को भी ठगी के लिए एपीके फाइल बेचता भी था।
जिला पुलिस उपायुक्त निधिन वाल्सन ने बताया कि 29 जुलाई को साइबर सेल में ठगी की शिकायत मिली। मिंटो रोड निवासी शिकायतकर्ता ने बताया कि उनके पास अनजान व्यक्ति ने फोन किया और बताया कि उनका बिजली मीटर कटने वाला है। आरोपी ने उन्हें एक एपीके फाइल भेजकर उसे अपने मोबाइल फोन में इंस्टॉल करने के लिए कहा। इंस्टॉलेशन के बाद जालसाज ने उनके बैंक खाते से 1.20 लाख रुपये ट्रांसफर कर लिए। शिकायत पर पुलिस ने धोखाधड़ी और ठगी का मामला दर्ज कर लिया।
निरीक्षक संदीप पंवार के नेतृत्व में पुलिस टीम ने मामले की जांच शुरू की। जांच के दौरान पुलिस ने एपीके फाइल की तकनीकी जानकारी हासिल की। तकनीकी सर्विलांस और आईपी लॉग्स, डिजिटल मनी ट्रेल्स के जरिए पता चला कि जालसाज जामताड़ा से ठगी को अंजाम दे रहा है। पहचान उमेश रजक के तौर पर हुई। पुलिस टीम ने झारखंड के देवघर में दबिश देकर उमेश को गिरफ्तार कर लिया।