गुरू व कार्तिक पूर्णिमा पर मंदिरों में देव दिवाली मनाई गई। ग्रामीण क्षेत्रों के मंदिरों में कार्तिक पूर्णिमा पर विशेष पूजा-अर्चना की गई। क्षेत्र के मंदिरों में भंडारा कर प्रसाद छकाया।
सुबह ही गंगा स्नान कर मंदिरों व घरों में लोगों ने पूजा-अर्चना की। महिलाओं ने पूर्णवासी का व्रत रखा। महिलाएं सज-संवरकर मंदिरों में पूजा अर्चना करने पहुंची।
इसके बाद व्रतधारी महिलाओं ने फलाहार व पानी ग्रहण किया। मानेसर के पंचगांव स्थित गांव कुकडौला, ग्वालियर, फाजिलवास, चांदला-डूंगरवास, पुखरपुर, राजाकी ढाणी व बाघनकी-खेड़की के ग्रामीणों ने सती मंदिर में पहुंचकर भंडारे का प्रसाद ग्रहण किया।
ग्रामीणों पहाड़ी सती मंदिर पर एक लाख दीप जलाकर कार्तिक पूर्णिमा मनाई। शाम के वक्त ही पहाड़ी स्थित सती मंदिर में ग्रामीणों ने दीप दान कर जलाए।
भगवान को घी का दीपक जलाकर आरती की। इसके अलावा अन्य गांवों से श्रद्धालु देव दीपावली व कार्तिक पूर्णिमा के मौके पर दीप दान करने पहुंचे। मंदिर में भंडारे के साथ कीर्तन-भजन भी सुनाए। ग्रामीणों ने रागिनी कंपीटिशन कराया। भंडारे में ग्रामीणों ने बढ़ चढ़कर भाग लिया।