तीन और डेयरी के दूध के सैंपल जांच में फेल हो गए हैं। जिला खाद्य निरीक्षण विभाग ने दादरी, दनकौर और रबूपुरा स्थित डेयरी से ये सैंपल लिए थे। इन्हें जांच के लिए कोलकाता की सीएफएल भेजा गया, जहां से इन सैंपलों में डिटरजेंट की पुष्टि हुई है।
प्रभारी जिला खाद्य अधिकारी एके जायसवाल ने बताया कि सितंबर 2013 में दादरी, दनकौर और रबूपुरा स्थित डेयरी से दूध के चार सैंपल लिए गए थे। लोगों की शिकायत थी कि दूध पीने पर उन्हें उल्टी हो गई। सैंपल जांच के लिए लखनऊ भेजे गए।
वहां की लैब में मिलावट की पुष्टि नहीं हुई। मार्च 2014 में नमूने कोलकाता की लैब में जांच के लिए भेजे गए। जून में वहां से रिपोर्ट आई, जिसमें नमूने फेल हो गए हैं।
दूध में वो भी नहीं है, जिसके लिए आप पीते है
जांच में वसा व प्रोटीन, मिनिरल्स, विटामिंस, लैक्टोस (एसएनएफ) आदि मानक से कम पाए गए। इसके अलावा डिटरजेंट की मिलावट पाई गई है। रिपोर्ट आने के बाद डेयरी मालिकों के खिलाफ केस की तैयारी शुरू कर दी गई है।
एके जायसवाल ने बताया कि पहले लिए गए सैंपलों की रिपोर्ट आनी शुरू हो गई है। इससे पहले अमूल दूध के सैंपल में भी मिलावट पाई गई थी।
जिला खाद्य निरीक्षण विभाग ने 2013-14 में दूध के 30 सैंपल लिए थे, जिसमें से अब तक नौ सैंपल फेल हो गए हैं। इसमें पांच ऐसे हैं, जिसमें ऐसे तत्व मिले हैं, जो स्वास्थ्य के लिए बेहद खतरनाक हैं। अभी कुछ और रिपोर्ट आनी बाकी हैं। 2013-14 में दूध से बने उत्पादों घी, पनीर, मक्खन आदि के 70 सैंपल लिए गए थे, जिसमें 23 फेल हो गए।
लखनऊ से क्यों पास हुए सैंपल?
यह मामला गौतमबुद्ध नगर का है। जिला खाद्य निरीक्षण विभाग लखनऊ स्थिति लैब में खाद्य पदार्थ के नमूने जांच के लिए भेजता है, लेकिन अब इस लैब की रिपोर्ट पर सवाल खड़े होने लगे हैं। प्रभारी जिला खाद्य अधिकारी एके जायसवाल ने बताया कि डेयरी से लिए गए दूध के चारों सैंपल लखनऊ में पास हो गए थे, लेकिन कोलकाता की लैब में इन सैंपल में डिटरजेंट की मिलावट पाई गई। एसएनएफ और वसा की मात्रा मानक से कम पाई गई है।
गौतमबुद्ध नगर के प्रभारी जिला खाद्य अधिकारी एके जायसवाल का कहना है कि रिपोर्टों के आधार पर यह कहना गलत न होगा कि जिले में दूध की हालत खराब है। कमिश्नर खाद्य सुरक्षा के आदेश पर जिले में दूध और इससे बने उत्पादों की पड़ताल के लिए विशेष अभियान चलाया जा रहा है। 25 जून से शुरू हुआ यह अभियान 27 जून तक चलेगा।