आप और कांग्रेस गठबंधन के तहत चुनावी मैदान में उतरती भी है तो कांग्रेस के लिए जीत का परचम लहराना बहुत आसान नहीं होगा। जिस तरह से गठबंधन के लिए सीटों के बंटवारे की बात चली रही है, उसमें ऐसी लोकसभा सीट भी है जहां पिछले लोकसभा चुनाव में कांग्रेस पार्टी को उम्मीद से काफी कम वोट मिले थे।
ऐसे में बड़े अंतर से हारी हुई सीट पर बाजी लगाने से कांग्रेस प्रत्याशी कतराएंगे। रणनीतिकारों की भी मानें तो आप तो फायदे में रहेगी, लेकिन कांग्रेस के लिए घाटे का सौदा साबित हो सकता है। आप व कांग्रेस के बीच जिन लोकसभा सीट पर गठबंधन करने की चर्चा चल रही है, उस फार्मूले पर प्रदेश कांग्रेस कार्यकर्ता नाराजगी जता रहे है।
पार्टी सूत्रों का कहना है कि उत्तर-पश्चिमी लोकसभा सीट ऐसी है, जहां पिछले लोकसभा चुनाव में कांग्रेस पार्टी के प्रत्याशी को सबसे कम वोट मिले थे। इस लोकसभा में भाजपा को जहां 6 लाख 27 हजार से अधिक वोट मिले थे तो वहीं आप प्रत्याशी को 5 लाख 22 हजार से अधिक।
कांग्रेस पार्टी के प्रत्याशी को इस लोकसभा में महज 1 लाख 57 हजार के करीब ही वोट मिले थे। ऐसे में अगर इस सीट पर कांग्रेस गठबंधन करती है तो यह सीट कांग्रेस के लिए फायदे का सौदा साबित नहीं होने वाली।