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पाबंदी के बावजूद देर रात तक खूब बजते हैं डीजे

Wed, 25 Nov 2015 06:25 PM IST
ब्यूरो / अमर उजाला, गुड़गांव
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मेवात प्रशासन की लगातार अनदेखी की वजह से जिले में देर रात तक डीजे बजाए जाने की सूचना मिल रही हैं मगर लोगों की परेशानी दूर करने की ओर सरकार के प्रशासनिक और पुलिस अधिकारियों का कोई ध्यान नहीं है।
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देर रात तक डीजे बजाए जाने की वजह से आम लोगों, मरीजों और पशु-पक्षियों के स्वास्थ्य पर लगातार प्रतिकूल असर पड़ रहा है। बता दें कि सर्वोच्च न्यायालय के निर्देश अनुसार तेज आवाज में डीजे बजाने पर रोक लगी हुई है।

प्रदेश में रात दस बजे के बाद और सुबह छह बजे से पहले लाउड स्पीकर बजाने पर पाबंदी है। अदालत के आदेशों की पालना सुनिश्चित करने की अहम जिमेदारी प्रशासन व पुलिस अधिकारियों के कंधों पर है।
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 बता दें कि ये आदेश सिनेमा हॉल, समारोह स्थल, डीजे मालिक और कार्यक्रम आयोजक सभी पर लागू होता है। अगर कोई व्यक्ति ऐसा करता हुआ पाया जाता है तो उसके विरुद्ध सत कानूनी कार्रवाई की जा सकती है।

नूंह पुलिस के शहर चौकी प्रभारी बच्चू सिंह का कहना है कि डीजे तेज आवाज में बजाने की शिकायत अभी नूंह क्षेत्र में नहीं आई है। अगर कोई व्यक्ति ऐसी शिकायत देता है तो आरोपी के विरुद्ध पुलिस कानूनी कार्रवाई करने में पीछे नहीं हटेगी।

तेज आवाज का सेहत पर प्रतिकूल असर-
आज आधुनिक दौर में तेज आवाज वाले डीजे बजाने और तड़क-भड़क वाली शादी एवं अन्य समारोह आयोजित करने की समाज में गलत परम्परा कायम हो गई है।

मरीज और आम आदमी तेज आवाज को सुनना पसन्द नहीं करता। ऐसी आवाज की वजह से शारीरिक व मानसिक स्वास्थ्य पर बुरा असर पड़ता है।

 तेज आवाज से व्यक्ति में चिड़चिड़ापन एवं शरीर में उच्च रक्तचाप, तनाव, श्रवण शक्ति का ह्रास, नींद में गड़बड़ी और अन्य असर देखने को मिलते हैं।  इसी वजह से उच्च स्तर ह्रदय रोग भी पैदा होता है।
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