900 करोड़ रुपये की लागत से बनाया गया ‘दलित प्रेरणा स्थल’ अब साफ-सफाई के लिए मोहताज हो गया है। इसकी खूबसूरती देखने के लिए दूर-दराज से लोग आते हैं, लेकिन उन्हें स्थल की खूबसूरती के साथ यहां फैली गंदगी का भी दीदार हो रहा है।
दरअसल, अगस्त 2015 में प्राधिकरण ने इसकी सफाई व्यवस्था प्रेरणा स्थल को हैंडओवर कर दी थी, लेकिन सफाई के लिए लखनऊ प्राधिकरण से सामान नहीं मिला।
ये हाल तब है जब यहां नियुक्त 190 में से 84 कर्मचारी प्रेरणा स्थल की साफ-सफाई का जिम्मा संभालते हैं। इन कर्मचारियों के वेतन पर हर महीने 16 से 17 लाख रुपये खर्च हो रहे हैं।
एक कर्मचारी ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि प्राधिकरण के हैंडओवर करने के बाद से ही प्रेरणा स्थल प्रबंधक को सफाई के लिए झाड़ू, पोंछा जैसी आवश्यक चीजें नहीं मिल रही हैं।
सामान के लिए प्रबंधक ने 6 दिसंबर को लखनऊ विकास प्राधिकरण को रिमाइंडर भेजा था। इसके बाद भी कोई कार्रवाई नहीं हुई। सफाई की समस्या को देखते हुए यहां के सफाई कर्मचारी खुद लखनऊ विकास प्राधिकरण जाकर समान लेकर आए थे।
बड़ा परिसर होने की वजह से कुछ दिनों में ही वो सामान खत्म हो गए, अब दोबारा ऐसी स्थिति पैदा हो गई है। स्थल के प्रबंधकों ने बताया कि तीन महीने में 650 से 700 झाड़ू और अन्य सामान की आवश्यकता पड़ती है।