जीएसटी कटौती, ई-वाहनों का बढ़ता चलन और दूसरे राज्यों में रजिस्ट्रेशन बने बड़ी वजह
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। वाहनों की बिक्री बढ़ने के बावजूद परिवहन क्षेत्र से सरकार की कमाई में गिरावट दर्ज की गई है। वित्त वर्ष 2025–26 में दिल्ली सरकार को इस सेक्टर से 2,986 करोड़ रुपये का राजस्व मिला, जो पिछले वर्ष 3,051 करोड़ रुपये था। यानी करीब 65 करोड़ रुपये (2.1फीसदी) की कमी आई।
2022–23 में जहां 2.6 लाख वाहन बिके, वहीं 2025–26 में यह आंकड़ा 3 लाख के पार पहुंच गया। वाहन बिक्री में बढ़ोतरी के बावजूद राजस्व में गिरावट ने नीति और सिस्टम दोनों पर सवाल खड़े किए हैं। विशेषज्ञों ने इसके पीछे कई कारण बताए हैं। सबसे बड़ा कारण जीएसटी दरों में कटौती है, जिससे वाहनों की कीमतें घटीं और बिक्री बढ़ी। इलेक्ट्रिक वाहनों की बढ़ती हिस्सेदारी भी वजह है क्योंकि इन पर रोड टैक्स कम या नहीं के बराबर होता है। कमर्शियल वाहनों की संख्या में गिरावट भी फैक्टर है। टैक्सी और बस जैसे वाहनों की संख्या 83,000 से घटकर करीब 75,000 रह गई है। विशेषज्ञों का कहना है कि सख्त नियमों के कारण कई वाहन मालिक दिल्ली की बजाय हरियाणा, उत्तर प्रदेश और राजस्थान में रजिस्ट्रेशन करा रहे हैं, जबकि संचालन दिल्ली में ही कर रहे हैं। फिटनेस सेंटर बुराड़ी बंद रहने और जुलझुली में लंबी कतारों के कारण कई वाहन मालिकों ने दूसरे राज्यों का रुख किया। अगर भविष्य में यह ट्रेंड जारी रहा तो बड़े राजस्व का नुकसान हो सकता है।