इंदिरा गांधी इंटरनेशनल एयरपोर्ट (आईजीआई) पर संदिग्ध ड्रोन के देखे जाने के बाद भी करीब 60 अन्य संदिग्ध वस्तुओं को प्रतिबंधित क्षेत्र में उड़ते हुआ देखा गया है। इस बात का खुलासा सीआईएसएफ के महानिदेशक सुरेंद्र सिंह ने वार्षिक संवाददाता सम्मेलन में किया। उन्होंने कहा कि संदिग्ध वस्तुओं में चाइना बैलून व पतंग के अलावा खिलौने शामिल हैं।
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महानिदेशक ने कहा कि अक्तूबर 2015 में एयरपोर्ट पर संदिग्ध ड्रोन को उड़ता हुआ देखा गया था। उसके बाद से गत वर्ष करीब 44 ऐसी संदिग्ध वस्तुओं को उड़ते हुए देखा गया। वहीं, मार्च 2016 तक 16 संदिग्ध वस्तु एयरपोर्ट पर उड़ते पाए गए हैं।
चाइना बैलून और पतंग की फोटो भी ली गई है। ड्रोन के मामले की जांच दिल्ली पुलिस व एयरफोर्स कर रही है। एयरपोर्ट के प्रतिबंधित इलाके में उड़ने वाली संदिग्ध वस्तुओं के बारे में भी पुलिस जानकारी इकट्ठा कर रही है।
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हरिद्वार में पतंजलि फूड एंड हर्बल पार्क की सुरक्षा में सीआईएसएफ के जवानों को तैनात किए जाने के एक सवाल पर सुरेंद्र सिंह ने कहा कि सरकार के आदेश के बाद ही इस संस्थान को सुरक्षा मुहैया करवाई गई है। 2008 में मुंबई में हुए आतंकी हमले के बाद 2009 में निजी क्षेत्रों को सुरक्षा प्रदान करने के लिए सीआईएसएफ अधिनियम में संशोधन किया गया।
निजि संस्थान भी सीआईएसएफ के सुरक्षा घेरे में
सुरेंद्र सिंह, सीआईएसएफ महानिदेशक
आज सीआईएसएफ के सुरक्षा कवच में निजी संस्थान इंफोसिस बंगलूरू, इलेक्ट्रॉनिक सिटी बंगलूरू, रिलायंस रिफाइनरी जामनगर, इंफोसिस मैसूर, कोस्टल गुजरात पावर लिमिटेड मुंडरा (गुजरात), इंफोसिस पुणे और टाटा स्टील कलिंगानगर (ओडिशा) शामिल हैं। उन्होंने कहा कि पतंजलि को 35 जवान मुहैया करवाए गए हैं। इन सभी जवानों का वेतन और कर्मचारी भविष्य निधि पतंजलि की ओर से मुहैया करवाया जाता है।
मेट्रो की सुरक्षा के सवाल पर महानिदेशक ने कहा कि अक्तूबर 2015 में राजीव चौक मेट्रो स्टेशन में पिस्टल लेकर एक युवक के घुसने के बाद सुरक्षा की समीक्षा के लिए एक कमेटी गठित की गई। कमेटी ने जांच के बाद मेट्रो स्टेशनों पर करीब 160 कमजोर बिंदुओं को चिन्हित किया। इन जगहों की सुरक्षा के लिए सीआईएसएफ और डीएमआरसी ने पहल शुरू कर दी है।
महानिदेशक ने कहा कि सीआईएसएफ में आरक्षी से लेकर महानिरीक्षक पद तक सभी केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों के मुकाबले में सर्वाधिक महिला अधिकारी एवं कर्मिक हैं। आज सीआईएसएफ में 6505 महिलाकर्मी हैं, जो बल की कुल संख्या का पांच फीसदी है। अगले पांच सालों में सीआईएसएफ में महिला कर्मियों की संख्या 33 फीसदी कर दी जाएगी।
सीआईएसएफ कर्मियों ने मेट्कीरो से की है लाखों की बरामदगी
मेट्रो में नौकरी का मौका
सीआईएसएफ के मुताबिक, मेट्रो ट्रेन के सामने छलांग लगाकर खुदकुशी करने के कई मामले सामने आए हैं, लेकिन जवानों ने 21 लोगों की जान बचा ली है। 2015 में 90 लोगों ने खुदकुशी का प्रयास किया, जिसमें से 18 की मौत हो गई, जबकि 21 की जान बचा ली गई। वहीं 72 लोगों को जख्मी हालत में अस्पताल में भर्ती कराया गया।
सीआईएसएफ के जवानों ने मेट्रो की सुरक्षा के दौरान 2015 में 267 जेबकतरों को पकड़ा। इसमें 21 पुरुष और 246 महिलाएं शामिल हैं। वहीं, इस वर्ष तीन माह में 27 महिला और 8 पुरुष जेबकतरे पकड़े गए हैं। गत वर्ष सीआईएसएफ ने मेट्रो ट्रैक पर चलने वाले 306 लोगों को पकड़ा। वहीं, इस वर्ष तीन माह में 39 लोग पकड़े जा चुके हैं। इसके अलावा सीआईएसएफ की महिला टीम ने गत वर्ष महिला कोच में चढ़ने वाले करीब 3724 लोगों को पकड़ा, वहीं इस वर्ष 218 लोगों पर जुर्माना किया गया है।
सीआईएसएफ की टीम मेट्रो स्टेशनों पर करीब साढ़े 24 लाख रुपये बरामद कर चुकी है। यह बरामदगी यात्री के बैग छूटने की स्थिति में की गई है। इसके अलावा जवानों को दो लाख के चेक, करीब 19 हजार विदेशी मुद्रा, 123 लैपटॉप, 38 कैमरे, 69 घड़ी, 320 मोबाइल फोन, 14 टैबलेट और 6 आईपैड मिले।