सिविल अस्पताल में बच्चा बदलने के मामले में पीड़ित परिवार को लड़के की जगह आखिरकार लड़की से संतुष्ट होना पड़ा।
बुधवार को पीड़ित परिवार के जितेंद्र, उसकी पत्नी ममता और भाभी ज्योति सहित अन्य परिवार के लोग पीएमओ से मिलने पहुंचे, लेकिन उनके छुट्टी पर रहने के कारण शिशु वार्ड से लड़की को लेकर ही चले गए।
जितेंद्र ने बताया कि बुधवार को अस्पताल में गया था। उसने बताया कि 23 अक्तूबर को उसकी पत्नी ममता को लड़का हुआ था, लेकिन अस्पताल प्रशासन की लापरवाही के कारण उन्हें लड़की दी गई है।
उन्होंने इसकी शिकायत पीएमओ से भी की थी, लेकिन उन्होंने कोई सुनवाई नहीं की। उल्लेखनीय है कि सिविल अस्पताल में 26 अक्तूबर को बच्चा बदलने का मामला सामने आया था।
गांव असावटी (बल्लभगढ़) निवासी जितेंद्र की पत्नी ममता को 23 अक्तूबर की रात को सिविल अस्पताल में भर्ती कराया गया था।
बताया जाता है कि रात को करीब 11.30 बजे जितेंद्र की पत्नी ममता ने लड़के को जन्म दिया। लेकिन जब 26 अक्तूबर को ममता को अस्पताल से डिस्चार्ज किया तो स्टाफ ने उसे लड़की पकड़ा दी।