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लहंगे ₹300 KG: मॉल में लाखों का, दिल्ली के इस बाजार में कौड़ियों के भाव बिक रहे; एक दिन लगती है मार्केट; Video

Thu, 06 Nov 2025 10:40 PM IST
विकास कुमार न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

बाजारों में इस समय सिलाई-कढ़ाई, जरी और सीक्वेंस वाले कपड़ों की मांग सबसे अधिक है। दर्जी और छोटे बुटीक डिजाइनर भी दिन-रात ऑर्डर पूरे करने में जुटे हैं। कुछ दुकानदारों ने बताया कि इस सीजन में सिर्फ कपड़ों का ही नहीं, बल्कि जूतों, आभूषणों और सजावट के सामान का व्यापार भी कई गुना बढ़ गया है। 
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दिल्ली में बिक रहा 300 रुपये किलो लहंगा - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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राजधानी में शुरू हुए शादी के मौसम ने बाजारों की रौनक बढ़ा दी है। जहां एक ओर बड़े डिजाइनर स्टूडियो और मॉल में लाखों रुपये तक के लहंगे और साड़ियां बिक रही हैं, वहीं सीलमपुर का साप्ताहिक बाजार कम दामों में वही फैशन उपलब्ध कराकर आम लोगों के लिए बजट वेडिंग का केंद्र बन गया है। यहां 300 रुपये प्रति किलो के भाव से दुल्हन के डिजाइनर लहंगे बिक रहे हैं, जबकि 400 रुपये में लग्जरी पार्टी वियर डिजाइन वाले लहंगे आसानी से खरीदे जा सकते हैं।

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शादी के कपड़ों की बिक्री अपने चरम पर
बाजार के दुकानदारों के मुताबिक, इस सीजन में बिक्री में जबरदस्त उछाल देखने को मिल रहा है। हर हफ्ते हजारों ग्राहक दिल्ली और आसपास के इलाकों से यहां पहुंच रहे हैं। सिर्फ सीलमपुर ही नहीं, बल्कि गांधीनगर, लाजपत नगर और करोल बाग जैसे इलाकों में भी शादी के कपड़ों की बिक्री अपने चरम पर है। कारोबारियों का कहना है कि शादी के इस सीजन में दिल्ली के वस्त्र बाजारों में कई करोड़ रुपये का व्यापार हो रहा है।

'10 हजार वाला 500 में मिल गया'
स्थानीय दुकानदार बताते हैं कि हमारे यहां सस्ते और डिजाइनर दोनों तरह के लहंगे मिलते हैं। कई ग्राहक बड़े मॉल से डिजाइन देखकर वही कॉपी हमसे तैयार करवाते हैं, लेकिन दाम एक चौथाई रहते हैं। वहीं ग्राहक भी इस बजट फ्रेंडली विकल्प से खुश नजर आ रहे हैं। ग्राहकों का कहना है कि शादी में पहनने के लिए कुछ अलग और अच्छा चाहिए था। यहां 500 रुपये में वैसा ही लहंगा मिल गया जो बाहर दस हजार का बताया गया था।

कारीगरों-व्यापारियों के चेहरे खिले
बाजारों में इस समय सिलाई-कढ़ाई, जरी और सीक्वेंस वाले कपड़ों की मांग सबसे अधिक है। दर्जी और छोटे बुटीक डिजाइनर भी दिन-रात ऑर्डर पूरे करने में जुटे हैं। कुछ दुकानदारों ने बताया कि इस सीजन में सिर्फ कपड़ों का ही नहीं, बल्कि जूतों, आभूषणों और सजावट के सामान का व्यापार भी कई गुना बढ़ गया है। शादी के इस मौसम ने न केवल फैशन बाजार को रफ्तार दी है, बल्कि सीलमपुर जैसे पारंपरिक थोक इलाकों में काम करने वाले हजारों कारीगरों और व्यापारियों के चेहरे पर भी मुस्कान लौटा दी है।
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हमारे यहां हर तरह के लहंगे मिल जाते हैं जो सस्ते और डिजाइनर होते हैं। ग्राहक बड़े मॉल में जो डिजाइन देखते हैं, वही हम एक चौथाई दाम में तैयार कर देते हैं। इस सीजन में बिक्री तीन गुना बढ़ी है। -असलम खान, दुकानदार

शादी में पहनने के लिए कुछ अलग और अच्छा चाहिए था। यहां 400-500 रुपये में वैसा ही लहंगा मिल गया जो बाहर 10 हजार रुपये में बिक रहा था। इतने कम दाम में अच्छा कपड़ा मिलना खुशी की बात है। -शाईन, ग्राहक

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