दो लावारिस बच्चों के संघर्ष की कहानी पर फिल्म निर्देशक आनंद कुमार ने ‘देसी कट्टे’ नामक फिल्म तैयार की है। दिल्ली हाइट्स, जुगाड़ एवं जिला गाजियाबाद जैसी चर्चित फिल्में बना चुके आनंद कुमार का फरीदाबाद से पुराना नाता रहा है।
वह यहां तीन वर्ष तक अशोका एक्लेव में रहे हैं, इसलिए इस शहर से उनका लगाव है। अब काम बढ़ा तो मुंबई रहने लगे हैं। कुमार ने ‘अमर उजाला’ को बताया कि 26 तारीख को रिलीज हो रही देसी कट्टे लो बजट की फिल्म है। इसमें कानपुर के घंटाघर की शूटिंग हुई है।
आगरा दिखेगा। कुमार का कहना है कि पूरी फिल्म 12.5 करोड़ रुपये में तैयार हुई है। लेकिन कोशिश होगी कि दर्शकों को पसंद आए।
इस फिल्म में दो लावारिस बच्चों की कहानी है, जो कानपुर के पास गंगा किनारे बोट में रहते हैं। वह देसी कट्टे बनाते-बनाते शॉर्प शूटर बन जाते हैं। क्योंकि वह कट्टे बनाते वक्त टेस्टिंग करते हैं। पिस्टल शूटिंग कोच के रूप में वह सुनील शेट्टी उनका निशाना देखकर उन्हें इंडिया के लिए खेलने को कहते हैं। एक देश का निशानेबाज बन जाता है और एक अंडरवर्ल्ड में पहुंचता है।
फिल्म में जय भानुसाली, विनोद खन्ना का भांजा अखिल कपूर, सुनील शेट्टी, सलमा आगा की बेटी साशा आगा खान, टीना वाजपेयी, आशुतोष राणा एवं संतोष शुक्ला मुख्य रूप में शामिल हैं। अखिल देसी कट्टे से डेब्यू कर रहे हैं। फिल्म में जय भानुसाली और अखिल ने शूटर की भूमिका निभाई है जिन्होंने बंदूक तो अपना खर्चा चलाने के लिए उठाई लेकिन बाद में वो देश के सबसे बड़े शूटर बनने की इच्छा रखने लगे।
आनंद बताते हैं कि वह कर्णी सिंह शूटिंग रेंज में शूटिंग करना चाहते थे लेकिन कुछ कारणों से अनुमति नहीं मिली। इसे बरेली के आर्यन सक्सेना नामक लेखक ने लिखा है जबकि म्यूजिक डायरेक्टर कैलाश खेर हैं।
चाहता था सूरजकुंड में हो शूटिंग पर पानी नहीं है
फरीदाबाद में लंबे समय तक रहे कुमार का दर्द इस शहर के पर्यटन स्थलों को लेकर सामने आ गया। कुमार के मुताबिक वह चाहते थे कि सूरजकुंड में भी शूटिंग करें लेकिन अब तो वहां पानी ही नहीं है। ऐसे में फरीदाबाद में कैसे शूटिंग करते।