डाक्टर ने लाइलाज बीमारी बताकर मेरे भाई को डरा दिया और वह टेंशन में कहीं चला गया। यह कहना है अस्पताल से भागे मरीज ब्रह्म सिंह के भाई बिजेंद्र सिंह का। चार दिन बाद भी उसका पता नहीं है।
उसके मोबाइल की अंतिम लोकेशन मुरादनगर थी। परिजनों का कहना है कि अस्पताल और डॉक्टर ने लापरवाही बरती है। अगर कोई गंभीर बीमारी थी तो परिजनों को बताई जानी चाहिए थी।
ब्रह्म सिंह (45) की पत्नी मुनेशवती ने बताया कि सोमवार को पति को मंजू नर्सिंग होम में भर्ती कराया गया था। रात करीब 12 बजे डॉक्टर आए और लाइलाज बीमारी होने की बात बताई।
मंगलवार सुबह उन्होंने बाथरूम जाने के लिए कहा और फिर नहीं लौटे। भाई बिजेंद्र ने बताया कि देर रात तक भी ब्रह्म सिंह के ब्लड टेस्ट की रिपोर्ट नहीं आई थी, ऐसे में डॉक्टर ने लाइलाज बीमारी के बारे में कैसे कह दिया।
अगर कोई बीमारी थी भी तो उन्हें बताया जाना थाे। परिजनों का कहना है कि पुलिस ने नर्सिंग होम और डॉक्टर निलाक्ष्य शर्मा के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर ली है।
अंतिम बार बेटे से की थी बात
ट्रांसपोर्टर ब्रह्म सिंह को मंगलवार सुबह बेटे राहुल ने फोन किया था। राहुल ने पूछा था कि चाय लेकर आ जाऊं, तो पिता ने जवाब दिया था कि आ जाओ, लेकिन अस्पताल पहुंचने पर पता चला कि पिता कहीं चले गए हैं। पुलिस ने लोकेशन ट्रेस की, जोकि मुरादनगर निकली थी।