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दिल्ली वालों को लगा करंट, बिजली हुई महंगी

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आप सरकार की सख्ती और सीएजी ऑडिट के बाद भी दिल्ली विद्युत विनियामक आयोग (डीईआरसी) ने बिजली कीमत बढ़ाने की घोषणा कर दी।
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आयोग ने पावर परचेज एडजस्टमेंट कॉस्ट (पीपीएसी) के नाम पर टाटा पावर दिल्ली डिस्ट्रीब्यूशन लिमिटेड में चार, नई दिल्ली नगर पालिका परिषद इलाके में पांच, यमुना और राजधानी पावर लिमिटेड इलाके में छह-छह फीसदी बिजली कीमत बढ़ाने की घोषणा की है।

बढ़ी हुई कीमत सोमवार से प्रभावी हो जाएंगी, जो अगले वर्ष मार्च तक प्रभावी रहेंगी। जुलाई माह तक वित्त वर्ष 2015-16 के लिए भी बिजली कीमत तय होनी है। इसकी प्रक्रिया भी चल रही है।
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बढ़ी बिजली की दरें हो सकती हैं कम

दिल्ली विद्युत विनियामक आयोग के चेयरमैन पीडी सुधाकर ने बताया कि अपिलेंट ट्रिब्यूनल के फैसले के आधार पर तय समय सीमा में बिजली कीमत बढ़ाने का निर्णय लिया गया। उन्होंने कहा कि बिजली वितरण कंपनियों का तीन तीमाही से पीपीएसी बकाया था।

इसी वजह से वर्तमान पीपीएसी अगले तीन तीमाही तक के लिए किया गया है, जो मार्च 2016 तक लागू रहेगा। चेयरमैन ने कहा कि डिस्कॉम्स की ओर से 20 फीसदी तक बिजली कीमत बढ़ाने की मांग की गई थी, लेकिन सभी दस्तावेज और फ्यूल चार्ज को देखते हुए चार से छह फीसदी पीपीएसी बढाने का निर्णय लिया गया।

उन्होंने यह भी कहा कि यदि किसी उपभोक्ता अथवा संस्था को बढ़े पीपीएसी से आपत्ति है तो वह इस फैसले के खिलाफ अपिलेंट ट्रिब्यूनल में अपील कर सकता है। बता दें कि इससे पहले भी आयोग ने 13 नवंबर-14 को पीपीएसी के नाम पर बिजली कीमत बढ़ाई थी, लेकिन दूसरे ही दिन अपने फैसले को वापस ले लिया था।

बढ़ोतरी पर सरकार ने जताई आपत्ति

दिल्ली के ऊर्जा मंत्री सत्येंद्र जैन ने कहा कि डीईआरसी के फैसले से सहमत नहीं हैं। सरकार आयोग से आग्रह करेगा कि इस फैसले पर पुनर्विचार करे।

आयोग की ओर से पीपीएसी तय किये जाने पर सरकार कानूनी सलाह भी लेगी और आयोग को लिखित में आपत्ति भी दर्ज कराएगी। जैन ने कहा कि जब तक बिजली कंपनियों की ऑडिट रिपोर्ट नहीं आ जाती तब तक आयोग को बिजली कीमत बढ़ाने पर निर्णय नहीं लेना चाहिए था।

ऊर्जा मंत्री ने कहा कि बिजली कंपनियों के कामकाज में कई खामियां है उसके जड़ तक पहुंचना जरूरी है, तभी समस्या का समाधान निकल पाएगा।
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ऐसे होगा असर

यदि कोई उपभोक्ता 200 यूनिट बिजली खपत करता है और प्रति यूनिट बिजली की कीमत चार रुपये है तो उसे 200 यूनिट के 800 रुपये की जगह पांच प्रतिशत पीपीएसी चार्ज के साथ 840 रुपये चुकाने होंगे।

इसके अलावा पहले की तरह ही फिक्स चार्ज 40 से 100 रुपये, पुराने घाटे को कम करने के लिया जाने वाला 8 फीसदी का सरचार्ज और इलेक्ट्रीसिटी टैक्स के नाम पर पांच फीसदी चार्ज किया जाता है। ये सभी रकम एनर्जी चार्ज पर लगाया जाता है।
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