दिल्ली विद्युत विनियामक आयोग (डीईआरसी) ने आरटीआई में पूछे गए एक सवाल का जवाब देने से यह कहते हुए इनकार कर दिया कि यदि जवाब दिया तो अधिकारियों की जान को खतरा हो सकता है। जवाब में यह भी कहा गया है कि आवेदक की प्रवृत्ति उग्र है।
आरडब्ल्यूए की संस्था यूनाइटेड रेजिडेंट ऑफ दिल्ली के महासचिव सौरव गांधी ने सूचना के अधिकार कानून के तहत दिल्ली विद्युत विनियामक आयोग से आयोग के सदस्यों, सचिव और तीन कार्यकारी निदेशक के कार से आने-जाने की जानकारी के लिए लॉग-बुक की रिपोर्ट मांगी थी। लेकिन सूचना अधिकारी ने आरटीआई एक्ट की कुछ धाराओं का जिक्र करते हुए आवेदक को जानकारी देने से इनकार कर दिया।
आयोग ने कहा है कि जिन सदस्यों से संबंधित लॉग-बुक की जानकारी मांगी गई है वे आयोग में उच्च पदों पर कार्यरत हैं। जिनकी जानकारी मांगी गई है वे बिजली कीमत तय करने और कानूनी कार्यों में लगे हैं। ऐसे में यदि जानकारी दी जाती है कि वे कब और कहां जाते हैं तो इससे उनकी जान को खतरा हो सकता है।
आतंकी गतिविधियां बढ़ी हैं ऐसे में आतंकियों के निशाने पर भी आ सकते हैं। आवेदक ने लंबे समय तक लॉग-बुक की जानकारी मांगी है जिससे आम आदमी का कोई लेना-देना नहीं है।