दिल्ली विधानसभा में बजट पर हुई चर्चा का जवाब देते हुए उपमुख्यमंत्री व वित्त मंत्री मनीष सिसोदिया ने कहा कि दिल्ली सरकार के अधिकारी उन्हें झूठा साबित कर रहे हैं। मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने इस मसले को बेहद गंभीर बताया है।
साथ ही अधिकारियों को समन करने को कहा है। विधानसभा अध्यक्ष राम निवास गोयल ने मामले की जांच के लिए विधानसभा की एक विशेष कमेटी के गठन का एलान किया। कमेटी इस मसले की जांच कर आगे की कार्रवाई सुनिश्चित करेगी।
दरअसल, मनीष सिसोदिया 2015 व 2019 के बीच सरकारी स्कूलों में आए बदलाव पर विधानसभा में करीब चार मिनट की एक वीडियो क्लिप दिखा रहे थे। क्लिप खत्म होने के बाद सिसोदिया ने कहा कि वह इसे पूरी दिल्ली को दिखाना चाहते थे। लेकिन शिक्षा विभाग के अधिकारियों ने सवाल किया कि वह कैसे मान लें कि जहां मंत्री गए थे, वह सरकारी स्कूल है।
वीडियो को सही कैसे माना जाए। सिसोदिया ने भावुक होते हुए कहा कि वह चार साल से पागलों की तरह स्कूलों को ठीक करने के लिए स्कूल-स्कूल घूम रहे हैं, जबकि अधिकारी उन्हें ही झूठा बता रहे हैं।
मनीष सिसोदिया की बात खत्म होते ही मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने कहा कि मामला काफी गंभीर है। इस मामले में अधिकारियों को तलब किया जाना चाहिए। इसके बाद विधान सभा अध्यक्ष राम निवास गोयल ने कहा कि कोई अधिकारी अपने मंत्री को कैसे कह सकता है कि मंत्री झूठ बोल रहे हैं।
इसके लिए सदन एक विशेष कमेटी का गठन करने जा रहा है। इसके सदस्यों की जल्द घोषणा होगी। कमेटी पूरे मसले की जांच कर सदन का रिपोर्ट सौंपेगी। इसके आधार पर आगे की कार्रवाई होगी।
वित्तीय वर्ष 2019-20 का बजट पास
बजट पर चर्चा खत्म होने के बाद उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने सदन में वित्तीय वर्ष 2019-20 के बजट को पास करने का प्रस्ताव सदन में पास किया। सदस्यों ने इसे ध्वनि मत से पास कर दिया। इसके बाद विधान सभा अध्यक्ष राम निवास गोयल ने विधान सभा सत्र को अनिश्चितकाल तक स्थगित करने की घोषणा की।