मिड डे मील खाने से जुड़ी शिकायतें व शनिवार को खाने में छिपकली मिलने के बाद उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया हरकत में आ गए हैं। सोमवार सुबह वह मिड डे मील तैयार करने वाली दो रसोई में औचक निरीक्षण के लिए पहुंच गए। वहां उन्होंने खाने की गुणवत्ता, साफ-सफाई को जांचा। मिड डे मील तैयार करने वाले संचालकों को उन्होंने जरूरी मानकों का पालन करने की चेतावनी दी। संचालकों को यह भी स्पष्ट किया कि बच्चों की सुरक्षा व स्वास्थ्य के साथ किसी को समझौता करने नहीं दे सकते।
सुबह 5.30 बजे उपमुख्यमंत्री घड़ौली गांव स्थित दलित प्रहरी नामक संस्था की रसोई में पहुंचे। यहां से सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले बच्चों को खाना सप्लाई किया जाता है। निरीक्षण में उन्होंने पाया कि खाना बनाने वाले कर्मचारी ने दस्ताने नहीं पहने हुए थे। साफ-सफाई भी ठीक नहीं थी। इस कारण उन्होंने संचालक को चेतावनी दी कि कि मिड-डे मील तैयार करने के जरूरी मानकों का पालन किया जाए।
सरकार किसी तरह की लापरवाही को बर्दाश्त नहीं करेगी। सुबह 6.30 बजे वह जवाहर नगर स्थित घनश्याम सेवा समिति की रसोई में पहुंचे। यहां साफ सफाई ठीक थी लेकिन एक जगह छिपकली दिखने पर उन्होंने कहा कि यह सुपरवाइजर की जिम्मेदारी है कि रसोई में कीड़े-मकौड़े, छिपकली, जाले नजर ना आएं।
इस तरह की लापरवाही सामने आने पर सख्य कार्रवाई करने की हिदायत दी। निरीक्षण के बाद उन्होंने कहा कि शिक्षा निदेशालय के अधिकारी लगातार मिड-डे मील का निरीक्षण कर रहे हैं। वह खुद भी समय-समय पर निरीक्षण करते रहेंगे। किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
शनिवार को कल्याणपुरी स्थित एक सरकारी स्कूल में मिड डे मील में छिपकली मिलने की शिकायत आई थी। इसकी वजह से दो बच्चियों को अस्पताल जाना पड़ा था। उपमुख्यमंत्री ने उसी दिन मिड डे मील ठेकेदार का ठेका रद्द करने व उसके खिलाफ एफआईआर कराने के निर्देश दिए थे।