1000 और 500 रुपये के नोट बदलने और एटीएम से मात्र 2000 रुपये निकालने में रविवार को शहरवासियों का पूरा दिन बीत गया। रात दो बजे से लोग एटीएम के बाहर लाइन में खड़े हो गए थे, लेकिन अपनी बारी का इंतजार कर रहे कई लोगों को पूरा संडे खराब करने के बाद भी मायूसी हाथ लगी।
एटीएम से करेंसी खत्म होने के चलते लोगों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा। वहीं कई बैंकों में नोट की कमी के चलते लोग 4000 रुपये भी बदलकर नहीं ले पाए। रुपये नहीं मिलने की वजह से मल्टीप्लेक्सों के टिकट के अलावा घूमने की लोगों की प्लानिंग धरी की धरी रह गई।
लीड डिस्ट्रिक्ट मैनेजर एके सिंह ने बताया कि नोट एक्सचेंज करने के लिए 30 दिसंबर तक का समय है, लेकिन लोगों में संतोष नहीं है। बैंक सरकार की इस मुहिम को नियोजित करने में लगे हैं।
कई लोग रात 2 बजे से ही लाइन में लग गए थे
note
- फोटो : ANI
छुट्टी के चलते रविवार को अन्य दिनों की तुलना में ज्यादा लोग बैंक पहुंचे। कई लोग रात 2 बजे से ही लाइन में लग गए थे। इस दौरान लोगों में उतावलापन दिखा। भीड़ का आलम यह रहा कि कई बैंकों में लोगों ने 4000 रुपये एक्सचेंज कराने के लिए फॉर्म तो भरा, लेकिन उन्हें करेंसी की कमी बताकर सिर्फ दो हजार का एक नोट ही थमा दिया गया।
अधिकारियों का कहना है कि उनके पास पर्याप्त करेंसी नहीं है। लाइन में और लोग भी खड़े हैं और सभी को पैसा देना है। भीड़ देख कुछ स्थानों पर बैंक अधिकारियों का कहना था कि सरकार को पहले से व्यापक इंतजाम करने चाहिए थे।
इंतजार करते-करते जमीन पर गिरे लोग
घंटों लाइन में खड़े होने के बाद कुछ लोगों को चक्कर आ गया। वह जमीन पर गिरने लगे। उनके पीछे खड़े लोगों ने उन्हें जमीन पर ही बैठा दिया। इसमें महिलाओं की संख्या ज्यादा रही। वहीं कुछ स्थानों पर सामाजिक संगठनों ने लाइन में खड़े लोगों को पानी पिलाया और नाश्ते के पैकेट भी दिए।
हालात हो सकते हैं बेकाबू
आपातकाल सेवाओं में बड़े नोट चलाने की मियाद 14 नवंबर रात 12 बजे तक की है। ऐसे में एटीएम व बैंकों के बाहर लगी भीड़ देखकर अंदाजा लगाया जा सकता है कि हालात किसी भी समय बेकाबू हो सकते हैं। इसकी एक छोटी सी बानगी शहर के कई एटीएम बूथ व बैंकों में दिखी। सेक्टर-18, सेक्टर-1, 2, सलारपुर, भंगेल के अलावा कई एटीएम बूथों के खुलते ही वहां पब्लिक ने हल्ला बोल दिया। पुलिस ने हालात पर काबू पाया। यही नहीं सेक्टर-59 के पीएनबी, बिशनपुरा के इंडसइंड, सेक्टर-11 के एसबीआई सहित कई अन्य बैंक शाखाओं पर भीड़ दिन प्रतिदिन बढ़ती जा रही है।
परिचर्चा
आज दोस्तों के साथ मूवी देखने का प्लान बना था, लेकिन एटीएम बूथ से रुपये निकालने की अफरा-तफरी के बीच मूवी का प्लान कैंसिल करना पड़ गया। पूरा संडे लाइन में खड़े होकर निकल गया।- भरत जगरिया
आफिस डे में रुपये निकालने का समय नहीं मिला तो सोचा संडे को छुट्टी पर रुपये निकाल लेंगे, लेकिन नंबर आते-आते एटीएम में करेंसी खत्म हो गई।- पूर्वी शुक्ला
मैं सुबह तीन बजे यहां पहुंचा तो देखा कि करीब 40 लोग पहले से ही लाइन में खड़े हैं। पूछने पर पता चला कि वे रात दो बजे से लाइन में खड़े हैं।-राघवेंद्र
मैं तड़के चार बजे लाइन मेें खड़ा हुआ था। मेरे आगे 50 लोग पहले से ही खड़े थे। कुछ रात 12 तो कुछ दो बजे से लाइन में खड़े थे।-मनोज