मेवला महाराजपुर से आए आशीष मंगला नाम के व्यक्ति ने बताया कि उसका भाई के साथ जमीन के बंटवारे का मुकदमा चल रहा है। बुधवार को सुनवाई थी, वकील से कह कर अप्रैल 2017 में सुनवाई की तारीख ली है। आर्थिक सर्जिकल स्ट्राइक के बाद कोर्ट कचेहरी का कामधाम कम हो गया है।
हालात यह हैं कि वादी और प्रतिवादी दोनों ही वकील के जरिए मुकदमों की लंबी तारीख ले रहे हैं। न्यायपालिका के जरिए होने वाली खरीद फरोख्त भी लगभग ठप पड़ी है यही वजह है कि स्टांप बिक्री 40 फीसदी से ज्यादा घट चुकी है।
हमेशा भीड़ भाड़ वाले कचहरी परिसर में वकीलों के अलावा कुछ ही लोग नजर आ रहे हैं। नोटों की तंगी का असर अदालत परिसर पर कितना पड़ा है। बातचीत के आधार पर यही जानने की कोशिश की गई। पेश है रिपोर्ट:-